‘गुजरात में 41 साल से नहीं जीते, इसमें भी SIR का दोष?’ राहुल गांधी पर अमित शाह का तीखा वार
नई दिल्ली। गुजरात के निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के शानदार प्रदर्शन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एसआईआर (SIR) का जिक्र करते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस पिछले 41 वर्षों से गुजरात में एक भी चुनाव नहीं जीत सकी है, तो क्या इसका कारण भी एसआईआर है। गृह मंत्री ने कहा कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मजबूती से खड़ा है और राहुल गांधी को 2026 के लोकसभा चुनाव में एक बार फिर हारने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी को बीजेपी की जीत से सबक लेने और कांग्रेस को अपनी लगातार हो रही पराजय पर आत्मचिंतन करने की सलाह दी।
SIR के बहाने घुसपैठियों को बचाने का आरोप
गृह मंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी एसआईआर के बहाने घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। निकाय चुनाव नतीजों का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि गुजरात की दो नगर पालिकाओं और एक नगर निगम की कुल 104 सीटों में से बीजेपी ने 90 सीटों पर जीत दर्ज की है। उनके संसदीय क्षेत्र में आने वाले गांधीनगर नगर निगम में बीजेपी ने 44 में से 38 सीटें अपने नाम कीं, जबकि सभी 32 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली आम आदमी पार्टी के हर उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई। पिछले चुनाव की तुलना में गांधीनगर में बीजेपी का वोट शेयर 10 फीसदी बढ़ा है, जिससे साबित होता है कि राज्य के मतदाता नरेंद्र मोदी के साथ हैं।
41 वर्षों की चुनावी हार पर आत्ममंथन की नसीहत
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने गुजरात में आखिरी चुनाव 1985 में जीता था और उसके बाद के 41 वर्षों में पार्टी लगातार हारी है। उन्होंने पूछा कि क्या यह भी एसआईआर का ही नतीजा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बीजेपी और पीएम मोदी की लोकप्रियता को एसआईआर का बहाना बनाकर खारिज नहीं कर सकते, बल्कि उन्हें इस बात पर गंभीरता से मंथन करना चाहिए कि जिस बड़े राज्य में कभी उनकी सत्ता थी, वहां चार दशकों से जीत क्यों नहीं मिली।
उपचुनावों में कांग्रेस का सूपड़ा साफ और बैलेट पेपर का तर्क
हालिया उपचुनावों का हवाला देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हुए चुनावों में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई। नौगांव में बीजेपी उम्मीदवार ने कांग्रेस से सीट छीनते हुए 1,42,000 वोटों के अंतर से जीत हासिल की, नंदीग्राम में बीजेपी को 76 फीसदी वोट और 1,22,000 वोटों की बढ़त मिली, जबकि रेजीनगर में पार्टी 75,000 से अधिक मतों से जीती और तृणमूल से सीट छीनी। वहीं पुडुचेरी में एनडीए के सहयोगी दल एआईएनआरसी उम्मीदवार ने 8,482 वोटों से जीत दर्ज की और कांग्रेस केवल 22 प्रतिशत वोटों पर सिमट गई। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि ये चुनाव बैलेट पेपर से कराए गए थे, जिससे वोटिंग मशीनों पर सवाल उठाने वालों का तर्क पूरी तरह खारिज हो जाता है।
पुरानी हार और SIR का कोई संबंध नहीं
गृह मंत्री ने याद दिलाया कि त्रिपुरा में 33 साल और बंगाल में 54 साल से कांग्रेस सत्ता से बाहर है। उन्होंने कहा कि एसआईआर तो 2024 के बाद लागू हुआ है, जबकि दशकों पुरानी हारें कांग्रेस के खाते में पहले से दर्ज हैं। उन्होंने सीधे तौर पर राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या इन पराजयों के पीछे भी एसआईआर है। अमित शाह ने कहा कि जब से राहुल गांधी कांग्रेस के मुख्य नेता बने, फिर पार्टी अध्यक्ष और अब विपक्ष के नेता बने हैं, तब से पार्टी लगातार चुनाव हारती आ रही है।
