अमित शाह का MP को तोहफा: 255 करोड़ का डेयरी प्लांट, गौशालाओं को 101 करोड़ की सौगात, भोपाल में बनेगा मोरवन
भोपाल। राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के पशुपालकों, किसानों और पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़ी सौगातों का पिटारा खोला। इस विशाल सम्मेलन के मंच पर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, महापौर मालती राय, मंत्री कृष्णा गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सम्मेलन में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, नस्ल सुधार और गौशालाओं के वित्तीय संबल के लिए कई अहम प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास व लोकार्पण किया गया।
पर्यावरण और जैवविविधता: भोपाल में बनेगा ‘मोरवन’ नगर वन
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में भोपाल के हरित क्षेत्र को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान किया गया। यह MoU कृभको (KRIBHCO) और मध्य प्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड के बीच हुआ। इस समझौते के अंतर्गत मोरवन प्रोजेक्ट के तहत भोपाल में एक आधुनिक ‘नगर वन’ विकसित किया जाएगा। इसका प्राथमिक उद्देश्य राजधानी के ग्रीन कवर का विस्तार करना, स्थानीय जैवविविधता और दुर्लभ वनस्पतियों का संरक्षण करना तथा पर्यावरण संवर्धन को नई गति देना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव: 55 रुपये प्रति लीटर दूध का भाव और 168 गौ एंबुलेंस का तोहफा
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और पशुपालकों के दर्द को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने बताया कि पहले बिचौलियों के चलते किसानों को 35 रुपये प्रति लीटर मिलता था, लेकिन एनडीडीबी (NDDB) के साथ समन्वय के बाद अब किसानों से 55 रुपये प्रति लीटर तक दूध खरीदा जा रहा है। प्रदेश में 7 हजार नई दुग्ध समितियां गठित की जा चुकी हैं और राज्य में दुग्ध संग्रहण को वर्तमान 12 लाख लीटर से बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उन्नत नस्ल के पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रथम पुरस्कार 1 लाख रुपये और द्वितीय पुरस्कार 50 हजार रुपये दिया जाएगा। इसके अलावा बीमार और असहाय गौवंश के त्वरित उपचार के लिए प्रदेश में 168 नई गौ एंबुलेंस शुरू की जाएंगी। उन्होंने बताया कि सरकार पहले प्रति गाय 20 रुपये देती थी, जिसे बढ़ाकर अब 40 रुपये प्रतिदिन प्रति गाय कर दिया गया है। प्रदेश के हर गांव को ‘वृंदावन गांव’ की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश को मिलीं करोड़ों की सौगातें: उज्जैन में हाईटेक डेयरी प्लांट
गोपालक सम्मेलन में प्रदेश के पशुपालन और सहकारिता ढांचे को मजबूत करने के लिए कई प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ हुआ:
उज्जैन में 255 करोड़ रुपये का डेयरी प्लांट: मध्य प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ द्वारा उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक डेयरी प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसकी शुरुआती क्षमता 3 लाख लीटर प्रतिदिन होगी, जिसे 5 लाख लीटर तक बढ़ाया जा सकेगा। इस प्रोजेक्ट में राज्य सरकार 170 करोड़ रुपये और दुग्ध संघ 85 करोड़ रुपये ऋण के जरिए जुटाएगा, जिसे 2 साल में पूरा करने का लक्ष्य है।
गौशालाओं को 101 करोड़ रुपये का डीबीटी: राज्य की पंजीकृत गौशालाओं में संरक्षित 5 लाख से अधिक गौवंश के रखरखाव के लिए जुलाई-अगस्त 2026 की 101 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि सीधे डीबीटी (DBT) के जरिए खातों में ट्रांसफर की गई।
दुग्ध उत्पादकों को बोनस: भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ के उत्पादकों को लगभग 12 करोड़ रुपये का बोनस वितरित किया गया।
नए प्लांट्स का लोकार्पण: भोपाल में फर्मेंटेड मिल्क प्रोडक्ट प्लांट और राज्य स्तरीय केंद्रीय गुणवत्ता लैब का लोकार्पण हुआ, साथ ही शिवपुरी में मिनी डेयरी प्लांट की शुरुआत की गई।
75 साल बनाम 10 साल का रिपोर्ट कार्ड
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि 75 वर्षों में कांग्रेस ने कभी अलग सहकारिता मंत्रालय बनाने की जरूरत नहीं समझी, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलग मंत्रालय बनाकर बिचौलियों की कमर तोड़ी और गौपालकों की सीधी आय बढ़ाई। अमित शाह ने कहा कि 75 सालों में कांग्रेस देश के दूध उत्पादन को महज 14 करोड़ 7 लाख टन तक ले जा पाई थी, जबकि मोदी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में इसे बढ़ाकर 25 करोड़ टन तक पहुंचा दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि आज देश में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाले शीर्ष पांचों राज्य बीजेपी शासित हैं।
अमित शाह ने साझा किया कि उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गोवंश संवर्धन के लिए 50 एकड़ भूमि मांगी थी, जिसकी स्वीकृति मिल गई है। इस भूमि पर अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए नस्ल सुधार का ऐसा काम होगा जिससे केवल बछिया ही पैदा होंगी, जिससे किसानों की आय दोगुनी होगी। अंत में नशामुक्ति का संकल्प दोहराते हुए गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर मादक पदार्थों के सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करेगी और दिसंबर 2029 से पहले मध्य प्रदेश को पूरी तरह नशामुक्त बनाया जाएगा।
