Amit Baghel की गिरफ्तारी की याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने कहा—अपराध जांच में दखल संभव नहीं

सरदार पटेल की 150वीं जयंती

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Amit Baghel Case: जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल के खिलाफ कथित हेट स्पीच मामले में दाखिल याचिका पर हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ कहा कि चल रही आपराधिक जांच में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता और न ही कोर्ट किसी आरोपी की गिरफ्तारी का निर्देश दे सकता है। इसके साथ ही जांच प्रक्रिया पर निगरानी रखने जैसी मांगों को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया।

याचिका में गिरफ्तारी और जांच की निगरानी की मांग

रायपुर के अवंती विहार निवासी अमित अग्रवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अमित बघेल पर लगातार भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि बघेल द्वारा सिंधी, जैन और अग्रवाल समुदायों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की जा रही है।

अग्रवाल ने यह भी कहा कि जगदलपुर समेत कई जगह एफआईआर दर्ज होने के बावजूद राज्य सरकार कार्रवाई में जानबूझकर देरी कर रही है। इसी आधार पर उन्होंने बघेल की तुरंत गिरफ्तारी, जांच की अदालती निगरानी, और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की थी।

राज्य सरकार ने कहा—जांच कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जारी

राज्य सरकार की ओर से अदालत में बताया गया कि सभी दर्ज एफआईआर पर कानूनी प्रक्रिया के मुताबिक जांच चल रही है। निष्क्रियता के आरोप गलत हैं और पुलिस नियमानुसार आगे बढ़ रही है।

क्यों खारिज हुई याचिका? हाईकोर्ट ने बताई वजहें

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि— अदालत अपराध जांच के माइक्रो मैनेजमेंट में दखल नहीं दे सकती। किसी आरोपी को गिरफ्तार करने का आदेश देना न्यायालय के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। जब कई एफआईआर पहले से दर्ज हैं और जांच जारी है, तो हस्तक्षेप की कोई जरूरत नहीं है। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया।

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