पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड: आठ माह बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, आरोपी सुरेश के बाड़े पर चला प्रशासन का बुलडोजर

बीजापुर: छत्तीसगढ़ में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या मामले में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए क्राइम सीन को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर के चट्टान पारा स्थित बाड़े, जहां यह हत्या की गई थी और शव सेप्टिक टैंक में फेंका गया था, उस स्थान को प्रशासन ने अब कब्जाच्युत और अवैध अतिक्रमण के तहत ध्वस्त कर दिया।

घटनास्थल पर प्रशासन की कार्रवाई

आज दोपहर राजस्व विभाग और नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और क्राइम सेंटर को बुलडोजर से गिरा दिया। निरीक्षकों का कहना है कि यह भूमि नगरपालिका के अंतर्गत राजस्व भूमि थी और उस पर अवैध निर्माण किया गया था। पत्रकारों और नागरिकों द्वारा भी कार्रवाई की मांग उठाए जाने के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया।

हत्याकांड का मामला—मुख्य घटनाक्रम

हत्याकांड: पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या 3 जनवरी को हुई थी और उनका शव उसी बाड़े के सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ था।

जांच और चार्जशीट: SIT ने इस मामले की जांच में 1000 से अधिक पन्नों की चार्जशीट तैयार की और 72 गवाहों का बयान दर्ज किया।

गिरफ्तारी: आरोपियों में शामिल ठेकेदार सुरेश चंद्राकर, उनके भाई रितेश, दिनेश और महेंद्र रामटेके को गिरफ्तार किया गया है और वे सभी अटकील जेल में बंद हैं।

मास्टरमाइंड और साजिश का खुलासा

SIT अधिकारियों के मुताबिक, यह हत्या एक सुनियोजित साजिश का परिणाम थी, जिसमें सुरेश चंद्राकर अपने भाइयों के साथ शामिल था। हत्या की घटनास्थल से जुड़े गाड़ियों सहित एजेक्स (हत्या में प्रयुक्त वाहन) को भी जब्त किया गया है।

 

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