लुत्ती बांध टूटने पर सीएम साय नाराज, कहा- ‘ऐसी गलती बर्दाश्त नहीं’

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में लुत्ती बांध टूटने की घटना ने राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मामले में नाराजगी जाहिर करते हुए साफ कहा कि इस तरह की लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं के रखरखाव को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों को सीधे फील्ड में जाकर नियमित निरीक्षण करने को कहा है।

मंत्रालय में हुई समीक्षा बैठक

गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय ने आगामी परियोजनाओं की प्रगति, मरम्मत कार्य और सिंचाई योजनाओं के रखरखाव पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बांधों की जलभराव क्षमता की विस्तृत जानकारी ली और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया।

इस बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, संयुक्त सचिव रवि मित्तल, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, प्रमुख अभियंता इंद्रजीत उईके समेत सरगुजा, बस्तर, बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर मंडलों के मुख्य अभियंता मौजूद रहे।

किसानों को समय पर मिले लाभ पर जोर

मुख्यमंत्री ने सिंचाई क्षमता को लेकर चिंता जताई और अधिकारियों को निर्देश दिया कि लक्षित और वास्तविक सिंचाई क्षमता के बीच अंतर को कम करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने विशेषकर सरगुजा और बस्तर संभाग की अधूरी बड़ी परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया ताकि किसानों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।

विभागीय ब्योरा

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 300 एनीकेट, 357 लघु परियोजनाएं और 4 वृहद परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा 1036 जीर्णोद्धार कार्य भी जारी हैं। कुल मिलाकर अभी 1697 परियोजनाएं प्रगतिरत हैं, जिन पर लगभग 8966 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

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