पढ़ाई छोड़ हर्बल लाइफ प्रमोशन: हर्बल गुरुओं पर गिरी गाज

दुर्ग। लंबे समय से विवादों में घिरे हर्बल गुरुओं पर आखिरकार प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। स्कूल समय में ऑफिस मीटिंग करने और विद्यालय में बैठकर ऑनलाइन हर्बल सेशन लेने की शिकायतों की जांच सही पाए जाने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) अरविंद कुमार मिश्रा ने कड़ा कदम उठाया है। डीईओ ने सहायक शिक्षक खिलेश्वरी चतुर्वेदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं अन्य आरोपियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया है।

डीईओ ने यह कार्रवाई उस समाचार पर संज्ञान लेने के बाद की, जिसमें शिक्षकों के हर्बल लाइफ उत्पादों का प्रचार-प्रसार करने, वजन घटाने और स्वास्थ्य सुधारने की सलाह देने के साथ ही सदस्यता दिलाने जैसी गतिविधियों का खुलासा हुआ था। जांच में यह भी सामने आया कि ये शिक्षक स्कूल समय में ही ऑफिस मीटिंग और ऑनलाइन सेशन आयोजित करते थे।

धमधा विकासखंड शिक्षा अधिकारी अथर्व शर्मा द्वारा की गई जांच में पाया गया कि शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय घोटवानी में पदस्थ व्याख्याता लोमन वर्मा, सीएसी संकुल केंद्र बोरी (मूल पद-शिक्षक एलबी) बलदाउ पटेल, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला दनिया में पदस्थ शिक्षक (एलबी) मुकेश चतुर्वेदी और शासकीय प्राथमिक शाला फुंडा की सहायक शिक्षक खिलेश्वरी चतुर्वेदी सोशल मीडिया के जरिए हर्बल उत्पादों का प्रचार कर रहे थे।

नियमों के उल्लंघन पर डीईओ ने इसे सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विपरीत मानते हुए कड़ी कार्रवाई की है। जहां सहायक शिक्षक खिलेश्वरी चतुर्वेदी को निलंबित किया गया है, वहीं व्याख्याता लोमन वर्मा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु प्रस्ताव लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर को भेजा गया है। इसी तरह बलदाउ पटेल और मुकेश चतुर्वेदी के विरुद्ध अनुशंसा सहित कार्रवाई के लिए प्रस्ताव संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग दुर्ग की ओर भेजा गया है।

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