बड़ी खबर : NHM कर्मचारियों को सरकार का अल्टीमेटम, काम पर नहीं लौटे तो सेवा होगी समाप्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों की हड़ताल का आज 13वां दिन है। नियमितीकरण समेत कई मांगों को लेकर 16 हजार से ज्यादा कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। इस बीच स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब सरकार ने इस हड़ताल पर सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी जारी की है कि अगर कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं।
सरकार का आदेश
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सभी जिलों के सीएमएचओ को पत्र जारी किया है। इसमें साफ लिखा है कि आदेश के बाद भी कई जिलों में NHM के अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं, जो लोकहित के खिलाफ है। ऐसे कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में स्पष्ट लिखा होगा कि काम पर नहीं लौटने की स्थिति में उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
वेतन भी रुकेगा
सरकार ने यह भी आदेश दिया है कि हड़ताल में शामिल और अनुपस्थित कर्मचारियों के लिए “नो वर्क नो पे” का नियम लागू किया जाएगा। यानी जो कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित नहीं होंगे, उनका इस माह का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
हड़ताल के चलते राज्यभर में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। कई अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों का वितरण, जांच सुविधाएं और मरीजों की देखभाल बाधित हो रही है। ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में स्थिति और गंभीर है, जहां स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य आधार NHM कर्मचारी ही हैं।
शासन की इस सख्त कार्रवाई के बाद अब सभी की निगाहें कर्मचारियों पर टिकी हैं कि वे अपनी हड़ताल जारी रखते हैं या फिर काम पर लौटते हैं। वहीं कर्मचारी संगठन लगातार नियमितीकरण और अन्य मांगों पर अड़े हुए हैं।
यह मामला अब टकराव की स्थिति में पहुंच गया है—एक तरफ सरकार सेवा समाप्ति तक की चेतावनी दे रही है, तो दूसरी तरफ कर्मचारी अपनी मांगों पर अडिग हैं। आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था किस दिशा में जाएगी, यह कर्मचारियों के अगले कदम पर निर्भर करेगा।
आदेश जारी

