सुप्रीम कोर्ट को मिले दो नए न्यायाधीश, राष्ट्रपति ने दी नियुक्ति को मंजूरी
भारत के सर्वोच्च न्यायालय में दो नए जज शामिल होने जा रहे हैं। पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस विपुल मनुभाई पंचोली और मुंबई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आलोक अराधे को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इन दोनों नामों को मंजूरी दे दी है और संबंधित आदेश जारी कर दिए गए हैं।
कॉलेजियम की सिफारिश के 48 घंटे में जारी हुआ नियुक्ति पत्र
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता में हुई कॉलेजियम की बैठक में इन दोनों नामों की सिफारिश की गई थी। केंद्र सरकार ने इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए महज 48 घंटों में नियुक्ति आदेश जारी कर दिया।
जस्टिस नागरत्ना ने जताई आपत्ति, कहा – संतुलन बिगड़ेगा
हालांकि, यह फैसला कॉलेजियम में 4:1 के बहुमत से लिया गया, लेकिन जस्टिस बीवी नागरत्ना ने इस पर असहमति जताई। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में पहले से गुजरात के दो जज कार्यरत हैं, और तीसरे जज की नियुक्ति से क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ सकता है। उन्होंने इसे न्यायिक प्रशासन के लिए हानिकारक करार दिया और कहा कि इससे कॉलेजियम प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न उठ सकते हैं।
2031 में बन सकते हैं भारत के मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस नागरत्ना ने यह भी कहा कि यदि जस्टिस पंचोली सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त होते हैं, तो वह अक्टूबर 2031 में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बन सकते हैं। कॉलेजियम के अन्य सदस्यों में जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस जेके माहेश्वरी शामिल थे।
जस्टिस विपुल पंचोली का न्यायिक सफर
जस्टिस विपुल मनुभाई पंचोली ने अपने करियर की शुरुआत 1991 में गुजरात हाईकोर्ट में अधिवक्ता के रूप में की थी। उन्होंने लंबे समय तक सरकारी वकील के रूप में सेवाएं दीं। इसके बाद 24 जुलाई 2023 को उन्हें पटना हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 21 जुलाई को वे मुख्य न्यायाधीश बने।
