सरकारी ट्रेनिंग बनी निजी छुट्टी: पत्नी पार्षद लेकिन उनके पति ले रहे सरकारी खर्च पर फाइव स्टार लाइफ का मजा

भिलाई। भिलाई नगर निगम की ओर से हाल ही में एक प्रशिक्षण दौरे के लिए 70 लोगों का दल इंदौर भेजा गया। इस दल में महापौर, सत्ता और विपक्ष के पार्षदों के साथ-साथ निगम के अधिकारी शामिल थे। तीन दिन के इस दौरे में रेल यात्रा, बस, खाने-पीने और पांच सितारा होटल में ठहरने का खर्च निगम प्रशासन द्वारा उठाया गया, जिसकी कुल लागत लगभग 10 से 12 लाख रुपये बताई जा रही है।

नियमों की अनदेखी: पार्षदों के परिजन भी हुए शामिल

हालांकि यह दौरा पार्षदों और अधिकारियों के प्रशिक्षण के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, लेकिन इसमें कई पार्षद अपने पति, पुत्र या अन्य परिजनों को भी साथ ले गए। यह बात सामने आने के बाद सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि निगम की ओर से केवल अधिकारियों और पार्षदों का खर्च वहन किया जाना था। परिजनों का शामिल होना नियमों के खिलाफ माना जा रहा है।

पार्षद पतियों की दलीलें

जब इस मामले पर कुछ पार्षद पतियों और पुत्रों से बात की गई तो कुछ ने फोन नहीं उठाया, जबकि कुछ ने सफाई दी कि उनके बच्चे छोटे हैं और पत्नी के साथ रहना जरूरी था। वहीं कुछ ने यह भी दावा किया कि वे अपने निजी खर्च पर दौरे में शामिल हुए हैं। कुछ मामलों में पार्षद की जगह उनके पति ही ट्रेनिंग में शामिल हुए।

होटल में जन्मदिन पार्टी की धूम

22 अगस्त को एक पार्षद के बेटे का जन्मदिन भी दौरे के दौरान पड़ा, जिसे पांच सितारा होटल फायरफाइल्ड मेरियट में धूमधाम से मनाया गया। यह वही होटल है जिसमें निगम के खर्च पर सभी अतिथि रुके थे। बर्थडे पार्टी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिससे और विवाद खड़ा हो गया है।

होटल और यात्रा खर्च की विस्तृत जानकारी

इंदौर में 70 लोगों के ठहरने के लिए फायरफाइल्ड मेरियट होटल में 35 डबल डीलक्स रूम बुक किए गए थे, जिनका किराया 6500 रुपये प्रति कमरा था। 12 प्रतिशत GST सहित कुल बिल 5 लाख 9 हजार 600 रुपये निगम द्वारा चुकाया गया। इसके अलावा सभी के एसी ट्रेन टिकट और अन्य यात्रा सुविधाएं भी सरकारी मद से ही दी गईं।

प्रशासन की सफाई

भिलाई नगर निगम के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय का कहना है कि निगम ने केवल अधिकारियों और पार्षदों के लिए खर्च किया है, अन्य परिजनों के जाने की कोई जानकारी उनके पास नहीं है। वहीं मेयर नीरज पाल ने माना कि पार्षद पति और पुत्र इस दौरे में शामिल थे, लेकिन दावा किया कि उनका खर्च निजी था और निगम ने उनका खर्च नहीं उठाया।

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