मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बड़ी खबर : देर रात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधायकों संग की वन-टू-वन मुलाकात
रायपुर। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। सोमवार देर रात मुख्यमंत्री निवास में साय ने कई विधायकों से वन-टू-वन चर्चा की। इनमें अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल और आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब शामिल रहे। मुलाकात के बाद दोनों विधायक मुस्कुराते हुए बाहर निकले, जिससे सियासी अटकलों को और हवा मिल गई।
हरियाणा फॉर्मूले पर हो सकता है विस्तार
सूत्रों के अनुसार, हरियाणा की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी मंत्रिमंडल का विस्तार संभव है। 90 विधायकों वाले हरियाणा में मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ में अब तक 13 मंत्री ही रहे हैं। नियमों के मुताबिक, 90 विधायकों की विधानसभा में अधिकतम 14 मंत्री बनाए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही 3 और नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा।
नए नामों ने बढ़ाई सियासी हलचल
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पहले जिन नामों की चर्चा थी, उनमें अमर अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा और राजेश मूणत शामिल थे। लेकिन अब संगठन सूत्रों ने अंबिकापुर से राजेश अग्रवाल, आरंग से गुरु खुशवंत साहेब और दुर्ग से गजेंद्र यादव के नाम आगे कर दिए हैं।
गुरु खुशवंत साहेब की बढ़ी दावेदारी
आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब सतनामी समाज के प्रमुख तीर्थ भंडारपुरी गद्दी के उत्तराधिकारी हैं। उनका राजनीतिक कद उनके पिता गुरु बालदास की वजह से और भी मजबूत हुआ है। साल 2013 में गुरु बालदास की पहल से भाजपा को अनुसूचित जाति की 10 में से 9 सीटों पर जीत मिली थी, लेकिन 2018 में उनकी नाराजगी से पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा। 2023 चुनाव से पहले पिता-पुत्र भाजपा में शामिल हुए और खुशवंत साहेब ने कांग्रेस के शिव डहरिया को हराकर विधानसभा पहुंचे। माना जा रहा है कि उनकी मंत्री पद पर एंट्री से भाजपा दलित वोट बैंक में पकड़ मजबूत करना चाहती है।
राजेश अग्रवाल का बढ़ता कद
अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल ने कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। सरगुजा संभाग में सिंहदेव का दबदबा लंबे समय से रहा है, लेकिन 2023 चुनाव में भाजपा ने उन्हें मात दी। अब चर्चा है कि वैश्य समाज को प्रतिनिधित्व देने के लिए राजेश अग्रवाल को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। खासकर इसलिए भी क्योंकि वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद से सरकार में इस समाज की भागीदारी नहीं रही है।
गजेंद्र यादव लगभग तय?
दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव आरएसएस बैकग्राउंड से आते हैं और उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिलना लगभग तय माना जा रहा है। यादव समाज ओबीसी वर्ग में दूसरी सबसे बड़ी आबादी है और लंबे समय से प्रतिनिधित्व की मांग कर रहा है। बताया जा रहा है कि आरएसएस ने भी उनके नाम पर दबाव बनाया है।
नतीजे का इंतजार
साय सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की तस्वीर अब जल्द साफ होने की उम्मीद है। संगठन और सरकार के बीच गहन मंथन के बाद यह तय होगा कि कौन-कौन कैबिनेट में जगह बनाएगा।
