Voter Adhikar Yatra: राहुल गांधी और लालू यादव की साझा रैली से गरमाई बिहार की सियासत

Voter Adhikar Yatra

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Voter Adhikar Yatra: बिहार की राजनीति में रविवार को बड़ा हलचल देखने को मिला जब महागठबंधन (INDIA Bloc) के शीर्ष नेताओं ने “वोटर अधिकार यात्रा” का शुभारंभ किया। यह यात्रा रोहतास जिले के डेहरी के पास सुअरा हवाई अड्डे से निकाली गई। इससे पहले राहुल गांधी सासाराम के एस.पी. जैन कॉलेज पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ और वहां से वे सभा स्थल रवाना हुए।

राहुल गांधी का भाजपा पर सीधा हमला

सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ चुनावी यात्रा नहीं बल्कि “संविधान बचाने की लड़ाई” है। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये ताकतें लगातार संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं और आम जनता का सबसे बड़ा हथियार – “वोट का अधिकार” – छीनने की साजिश कर रही हैं।
राहुल गांधी ने कहा – “गरीब, दलित, आदिवासी और कमजोर तबकों के पास सिर्फ वोट ही एक ताकत है। भाजपा इस ताकत को खत्म करना चाहती है। हम इसे कभी सफल नहीं होने देंगे।”

तेजस्वी यादव ने दोहराया ‘छोट का राज’ का नारा

राजद नेता तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में कहा कि यह यात्रा लालू प्रसाद यादव और डॉ. लोहिया के सपनों को पूरा करने की दिशा में है। उन्होंने कहा – “लालू जी हमेशा कहते थे कि वोट का राज मतलब छोट का राज। लेकिन भाजपा वोटर लिस्ट में हेरफेर करके गरीब और पिछड़े वर्ग की आवाज दबाना चाहती है।”
तेजस्वी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि आयोग विपक्षी मतदाताओं का अधिकार छीनने में सरकार के दबाव में काम कर रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे का बयान

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जन्मभूमि है और इसलिए यहां से इस यात्रा की शुरुआत का खास महत्व है। उन्होंने बताया कि यह यात्रा 16 दिनों में करीब 3000 किलोमीटर का सफर तय करेगी और 1 सितंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में इसका समापन होगा।

कन्हैया कुमार का चुनाव आयोग पर निशाना

कन्हैया कुमार ने मंच से कहा कि चुनाव आयोग का काम निष्पक्ष चुनाव कराना है लेकिन अब वह खुद खिलाड़ी बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग विपक्ष की शिकायतों की जांच करने के बजाय प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर सफाई दे रहा है।

महागठबंधन की एकजुटता दिखी

इस सभा में लालू प्रसाद यादव, वीआईपी प्रमुख मुकेश साहनी, सीपीएमएल नेता दीपांकर भट्टाचार्य, कांग्रेस नेता भूपेश बघेल, सुप्रिया श्रीनेत और पप्पू यादव जैसे कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। मंच पर महागठबंधन की यह एकजुटता बिहार की सियासत में विपक्ष के आत्मविश्वास को दिखा रही थी।

सत्ता पक्ष का पलटवार

वहीं सत्ता पक्ष ने इस यात्रा को राजनीतिक दिखावा बताया। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि यह आंदोलन “पत्थर पर सिर पटकने जैसा” है। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग अगर फर्जी और मृत मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटा रहा है, तो इसमें गलत क्या है?
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल और तेजस्वी पर तीखा हमला बोला और कहा कि ये दोनों “कंस की राह” पर चल रहे हैं और इनका नाश निश्चित है।

कांग्रेस और सहयोगी दलों के तर्क

कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा चुनाव आयोग की मदद से वोट चोरी कर रही है। सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि आयोग ने अप्रत्यक्ष रूप से मान लिया है कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां हैं। वहीं पप्पू यादव ने राहुल गांधी को युवाओं और किसानों की आवाज बताया और कहा कि यह यात्रा गरीबों के अधिकार की लड़ाई है।

राजनीतिक असर

“वोटर अधिकार यात्रा” ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। एक ओर विपक्ष ने इसे संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का अभियान बताया है, वहीं एनडीए इसे बेबुनियाद और राजनीतिक स्टंट करार दे रहा है। लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि इस यात्रा के जरिए महागठबंधन ने चुनाव से पहले अपनी ताकत और एकजुटता दिखाने की कोशिश की है।

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