14 अगस्त की रात को हुई पुलिस और नक्सली मुठभेड़ को लेकर गरमाई सियासत: कांग्रेस ने प्रेसवार्ता कर उठाए सवाल

मुठभेड़

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कोंडागांव : ज़िले के केशकाल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नालाझर में 14 अगस्त की रात पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने इस मुठभेड़ को फर्जी करार देते हुए राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

घायल युवक से मिलने पहुंचे मोहन मरकाम, की बड़ी मांग

कथित मुठभेड़ में घायल हुए युवक अभय नेताम से मिलने के लिए मोहन मरकाम कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने घटना को फर्जी मुठभेड़ बताते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

कांग्रेस पार्टी की मांगें:

घायल युवक को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।

यदि मुठभेड़ असली थी, तो घटना के वीडियो फुटेज को सार्वजनिक किया जाए।

छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा से इस्तीफा लिया जाए।

भाजपा पर आदिवासियों को निशाना बनाने का आरोप

मोहन मरकाम ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि

“भाजपा नक्सलियों से नहीं, मासूम आदिवासियों से लड़ रही है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार निर्दोष ग्रामीणों को निशाना बना रही है और इसे नक्सली मुठभेड़ का नाम दे रही है।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल करेगा स्थल निरीक्षण

कांग्रेस पार्टी ने घोषणा की है कि उनकी टीम जल्द ही घटना स्थल का दौरा करेगी और स्थानीय लोगों से बातचीत कर पूरे मामले की जांच करेगी।

परिवार का पक्ष: ‘नक्सली नहीं थे लड़के’

घायल अभय नेताम के बड़े चाचा विश्वनाथ नेताम ने बताया कि:“गांव के कुछ लड़के गुलेल और एयरगन लेकर जंगल की ओर गए थे। इस दौरान मोटरसाइकिल में तकनीकी खराबी आ गई। जब मोटरसाइकिल स्टार्ट नहीं हुई, तो वे उसे घसीटकर वापस ला रहे थे। इसी बीच पुलिस ने उन्हें नक्सली समझकर फायरिंग शुरू कर दी। पांच गोलियां छूटीं, छठी गोली अभय को लगी।”

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