Atal Bihari Vajpayee’s Death Anniversary पर खास: हिंदी में UN में भाषण देने वाले पहले भारतीय नेता के बारे में 10 रोचक तथ्य

Atal Bihari Vajpayee's Death Anniversary

Atal Bihari Vajpayee's Death Anniversary

Atal Bihari Vajpayee’s Death Anniversary: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारतीय राजनीति के महानायक अटल बिहारी वाजपेयी की आज पुण्यतिथि है। 16 अगस्त 2018 को उन्होंने 93 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली थी। लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहने वाले वाजपेयी भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक नेताओं में से एक थे और तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने न केवल देश की राजनीति में अमिट छाप छोड़ी, बल्कि भारत को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाने में भी ऐतिहासिक योगदान दिया।

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। छात्र जीवन से ही वे राजनीति से जुड़ गए थे और 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में भी भाग लिया। वाजपेयी की शख्सियत, ओजस्वी वक्तृत्व कला और काव्य प्रेम ने उन्हें आम जनता से लेकर संसद तक हर जगह खास बनाया। आइए जानते हैं उनसे जुड़ी 10 रोचक बातें—

1. खास दिन पर जन्म

वाजपेयी का जन्म क्रिसमस के दिन 25 दिसंबर 1924 को हुआ था। उन्हें मांसाहारी भोजन खासा पसंद था और उनका प्रिय व्यंजन झींगा था।

2. स्वतंत्रता संग्राम सेनानी

भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण उन्हें 23 दिनों तक जेल में रहना पड़ा था।

3. अविवाहित जीवन

अटल जी ने कभी शादी नहीं की। जब उनसे इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि व्यस्तता में वे इसे भूल गए।

4. चार राज्यों से जीत

वे ऐसे एकमात्र नेता हैं जिन्होंने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली और गुजरात—इन चार राज्यों के छह लोकसभा क्षेत्रों से चुनाव जीतकर इतिहास रचा।

5. 47 साल तक संसद सदस्य

अटल जी का संसदीय सफर 47 साल लंबा रहा। वे 11 बार लोकसभा और 2 बार राज्यसभा के सदस्य बने।

6. हिंदी को दिलाई पहचान

वाजपेयी संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में भाषण देने वाले पहले भारतीय नेता बने, जिससे हिंदी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिली।

7. पोखरण परमाणु परीक्षण

प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने राजस्थान के पोखरण में “ऑपरेशन शक्ति” के तहत भारत का सफल परमाणु परीक्षण कराया, जिसने देश की शक्ति को पूरी दुनिया के सामने साबित किया।

8. स्ट्रोक के बाद कठिन समय

साल 2009 में आए स्ट्रोक ने उनकी बोलने और हाथ चलाने की क्षमता को प्रभावित कर दिया, जिसके बाद उनका सार्वजनिक जीवन लगभग समाप्त हो गया।

9. कवि हृदय

वाजपेयी को कविता से गहरा लगाव था। उन्होंने अपनी पहली कविता दसवीं कक्षा में लिखी थी और आगे चलकर कई प्रसिद्ध कविताएं लिखीं।

10. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अनुयायी

अटल जी भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के करीबी अनुयायी थे और उन्हीं के मार्गदर्शन में राजनीति में आगे बढ़े।

अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन भारतीय राजनीति के साथ-साथ साहित्य और संस्कृति के लिए भी प्रेरणादायक रहा। उनकी कविताएं, उनका भाषण और उनका व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

Youthwings