स्वतंत्रता दिवस पर सीएम मोहन यादव का विज़न: आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश की ओर
भोपाल। स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाल परेड ग्राउंड से मध्यप्रदेश के विकास की भविष्य की तस्वीर प्रस्तुत की। उन्होंने आने वाले पांच वर्षों में सड़क, रेलवे ब्रिज, फ्लाईओवर और औद्योगिक विकास के बड़े लक्ष्य तय करने के साथ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराया। सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश के विकास का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
ऑपरेशन सिंदूर और देशभक्ति की कविता
अपने संबोधन में सीएम ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मिशन ने दुनिया को भारत की शक्ति और सामर्थ्य का परिचय कराया है। उन्होंने वीर सपूतों के शौर्य पर आधारित एक कविता भी सुनाई, जिसमें देश की एकता और अखंडता की रक्षा के संकल्प को दोहराया गया।
भारत की अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता का मंत्र
सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत वर्तमान में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और शीघ्र ही तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। आत्मनिर्भर भारत केवल नारा नहीं बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का अटल संकल्प है, जो स्वदेशी के प्रति समर्पण और नवाचार से ही पूरा होगा। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप, कृषि, ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादों को आधार बनाना जरूरी है।
आर्थिक और औद्योगिक उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1.39 लाख से बढ़कर 1.52 लाख हो गई है। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी—इन चार वर्गों के कल्याण के लिए राज्य सरकार ‘GYAN’ मॉडल पर काम कर रही है। युवा शक्ति, नारी सशक्तिकरण, किसान कल्याण और गरीब कल्याण मिशन इसके प्रमुख स्तंभ हैं।
प्रदेश में एक लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और अगले पांच वर्षों में 2.5 लाख भर्तियों का लक्ष्य रखा गया है। निवेशकों के भरोसे और उद्योग हितैषी नीतियों के कारण प्रदेश के निर्यात में 6% की वृद्धि हुई है। वर्ष 2025 को ‘उद्योग एवं रोज़गार वर्ष’ घोषित किया गया है।
निवेश और रोजगार
भोपाल में पहली बार “ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025” का आयोजन हुआ, जिसमें 5,000 करोड़ से अधिक की सहायता उद्यमियों को दी गई और 15 नए औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 2,200 करोड़ का निवेश हुआ। एक हजार औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन के बाद 40,000 करोड़ रुपये के निवेश और 93,000 से अधिक रोजगार की संभावना बनी है।
रायसेन में बीईएमएल रेल कोच कारखाना और धार जिले में पीएम मित्र पार्क जैसे प्रोजेक्ट प्रदेश को नई औद्योगिक दिशा देंगे।
खेल और युवा सशक्तिकरण
प्रदेश में 18 खेलों की 11 अकादमियां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में संचालित हो रही हैं। वर्ष 2025-26 में खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 6 स्वर्ण, 9 रजत, 6 कांस्य और राष्ट्रीय स्तर पर 82 स्वर्ण, 65 रजत, 57 कांस्य पदक जीते। युवाओं को कौशल विकास और नवाचार के अवसर देने के लिए स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन लागू किया गया है।
महिला सशक्तिकरण
देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन के तहत मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि 1,250 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह की जाएगी। टेक्सटाइल व अन्य रोजगारपरक उद्योगों में युवतियों और युवकों को 5,000 रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है।
किसानों के हित में बड़े फैसले
किसानों को 5 रुपये में स्थायी बिजली कनेक्शन, 32 लाख सोलर पंप और 10 लाख कनेक्शन देकर 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। 14 लाख से अधिक किसानों को ₹1,383 करोड़ फसल बीमा राशि दी गई। कृषि उद्योग समागम के तहत मंदसौर में ₹3,812 करोड़ के निवेश से 11 औद्योगिक इकाइयों का शिलान्यास हुआ, जिससे 6,850 रोजगार सृजित होंगे।
पशुपालन और ग्रामीण विकास
डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना में पशुपालकों को 25 दुधारू पशुओं की इकाई दी जाएगी, जिसमें एससी/एसटी वर्ग को 33% और अन्य को 25% अनुदान मिलेगा। गौ-शालाओं में प्रति गौ-वंश सहायता ₹20 से बढ़ाकर ₹40 कर दी गई है। पीएम स्वनिधि योजना से 8 लाख से अधिक हितग्राहियों को ₹10,000 से ₹50,000 तक ऋण सहायता दी गई है।
श्रमिक और सामाजिक कल्याण
संबल योजना में पौने दो करोड़ श्रमिक पंजीकृत हैं, जिनको 51 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। कारखाना अधिनियम, औद्योगिक विवाद अधिनियम और ठेका श्रम अधिनियम में संशोधन कर उद्योगों की सुगमता सुनिश्चित की गई है। एक करोड़ 33 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है।
बुनियादी ढांचा और ऊर्जा लक्ष्य
अगले पांच वर्षों में नर्मदा प्रगति पथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, मालवा-निमाड़ विकास पथ, अटल प्रगति पथ, बुंदेलखंड विकास पथ और मध्य भारत पथ के साथ 1 लाख किलोमीटर सड़क और 500 रेल ओवरब्रिज/फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। मजरा-टोला सड़क योजना के तहत 30,000 किमी सड़क निर्माण होगा।
नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 5.75 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे 1.85 लाख रोजगार बनेंगे। लक्ष्य है कि 2030 तक 50% ऊर्जा अक्षय स्रोतों से प्राप्त की जाए।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण का समापन इस विश्वास के साथ किया कि आत्मनिर्भरता, स्वदेशी और जनभागीदारी के माध्यम से मध्यप्रदेश को विकसित और समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित किया जाएगा।
