छत्तीसगढ़ में नई बिजली दरें लागू 1 जुलाई से, जानिए किसे कितना देना होगा ज्यादा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नई बिजली दरों को लेकर सियासत तेज हो गई है। राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बिजली दरों में औसतन 1.89 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी गई है। इसके विरोध में कांग्रेस ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान कर दिया है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दावा किया है कि इस बढ़ोतरी का असर किसानों और गरीब उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार 3 एचपी तक के कनेक्शन पर 3000 यूनिट मुफ्त बिजली दे रही है और गरीबों को हॉफ बिजली योजना का लाभ पहले से मिल रहा है।
घरेलू और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए नई दरें
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दरों में 10 पैसे से 20 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी 25 पैसे प्रति यूनिट है। नई दरें 1 जुलाई 2025 से प्रभावी हो गई हैं।
इसके साथ ही आयोग ने LV-1 घरेलू उपभोक्ताओं की श्रेणी में गौशाला, बस्तर, सरगुजा और ट्राइबल क्षेत्रों के स्टे-होम्स को भी शामिल किया है। वहीं अस्थायी कनेक्शन पर पहले लागू 1.5 गुना टैरिफ को अब 1.25 गुना किया गया है।
किसानों के लिए राहत के साथ बढ़ोतरी
कृषि पंपों की बिजली दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, गैर-सब्सिडी वाले किसानों को अब 20% के स्थान पर 30% छूट मिलेगी। आयोग ने खेतों की रखवाली के लिए 100 वॉट तक लाइट और पंखे चलाने की अनुमति यथावत रखी है।
निम्नदाब उपभोक्ताओं पर भी असर
निम्नदाब उपभोक्ताओं की विभिन्न श्रेणियों में भी टैरिफ बदलाव हुए हैं। जिन उपभोक्ताओं का भार 10 किलोवॉट से अधिक है, उन पर टाइम ऑफ डे (TOD) टैरिफ लागू किया गया है। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक के ऑफ पीक आवर में 5% छूट और शाम 5 से रात 11 बजे के पीक आवर में 5% अधिभार लगेगा।
स्मार्ट मीटर वाले प्री-पेड उपभोक्ताओं को 1.5% की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। वहीं बायोमास ब्रिकेट यूनिट को LV-5 श्रेणी में शामिल किया गया है।
उच्चदाब उपभोक्ताओं के लिए बड़े बदलाव
हाई वोल्टेज (HV) श्रेणियों के उपभोक्ताओं में स्टोन क्रशर, मिक्सर जैसे उद्योगों को HV-3 में शिफ्ट किया गया है। स्टील उद्योगों की बिजली दरों में 15 पैसे से 30 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।
लोड फैक्टर रिबेट की अधिकतम सीमा को 25% निर्धारित किया गया है। वहीं सरगुजा और बस्तर क्षेत्र के HV उपभोक्ताओं को 5% से 10% तक विशेष छूट दी गई है।
सोलर ऊर्जा उत्पादकों पर सिर्फ 33% ट्रांसमिशन चार्ज लगाया जाएगा और कैप्टिव पॉवर प्लांट पर 15 पैसे प्रति यूनिट पैरेलल ऑपरेशन चार्ज तय किया गया है।
पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा
इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग यूनिट्स के लिए LV श्रेणी में ₹7.02 प्रति यूनिट और HV श्रेणी में ₹6.32 प्रति KVAH की दर से बिजली दी जाएगी। वहीं महिला स्व-सहायता समूहों और आदिवासी क्षेत्रों में संचालित अस्पतालों को पहले से मिल रही छूट को यथावत रखा गया है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
बिजली दर बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा ने चुनाव से पहले जनता को सस्ती बिजली देने का वादा किया था, लेकिन अब सरकार ने जनता की जेब पर भार डाल दिया है।
हालांकि सरकार की तरफ से सफाई दी गई है कि यह बढ़ोतरी बहुत मामूली है और इसका सीधा असर किसानों व गरीबों पर नहीं पड़ेगा क्योंकि उन्हें पहले से ही सब्सिडी और मुफ्त बिजली योजना का लाभ दिया जा रहा है।
पिछली सरकार में भी हुई थी बढ़ोतरी
गौरतलब है कि कांग्रेस सरकार के दौरान भी दो बार बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई थी—वित्तीय वर्ष 2022-23 में 2.50% और 2024-25 में 4.88%। इस तरह कांग्रेस कार्यकाल में कुल 7.38% वृद्धि हुई थी, जबकि भाजपा सरकार में पहली बार दरें बढ़ाई गई हैं।
