CGMSC ने रोकी फेनीटोन की सप्लाई, मरीजों की जान पर खतरा!

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रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (CGMSC) ने मिर्गी और सिर की चोट (हेड इंजुरी) में इस्तेमाल होने वाले लाइफ सेविंग इंजेक्शन फेनीटोन (Phenytoin) सोडियम की आपूर्ति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह कार्रवाई तब हुई जब समाचार पत्रों में इस इंजेक्शन के सब-स्टैंडर्ड यानी घटिया गुणवत्ता के होने की खबर सामने आई। दवा आपूर्ति करने वाली दिल्ली की कंपनी ‘सिस्टोकेम लेबोरेटरी’ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

लिक्विड फार्म में बनाई दवा, इंडियन फार्माकोपिया के अनुसार अवैध

फेनीटोन इंजेक्शन का बैच नंबर CPY2503 मार्च 2025 में तैयार हुआ था और इसकी वैधता फरवरी 2027 तक है। लेकिन जांच में सामने आया कि यह इंजेक्शन पावडर के बजाय लिक्विड फार्म में बनाया गया, जो इंडियन फार्माकोपिया (IP) मानकों के अनुरूप नहीं है। इसी बैच को सब-स्टैंडर्ड घोषित किया गया है, जबकि बैच नंबर CPY2502 मानक के अनुरूप पाया गया है।

सभी अस्पतालों से स्टॉक वापस मंगाया गया

इस इंजेक्शन की सप्लाई रायपुर के आंबेडकर अस्पताल, DKS सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, और राज्य के सभी जिला अस्पतालों एवं सीएचसी में की गई थी। लेकिन अब CGMSC ने इसकी आपूर्ति पर रोक लगाते हुए सभी स्टॉक को वापस मंगाने का आदेश जारी कर दिया है। इंजेक्शन के उपयोग पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

मरीजों की जान खतरे में, कंपनी से एक हफ्ते में जवाब तलब

यह इंजेक्शन मिर्गी के मरीजों को दौरे (seizures) रोकने के लिए और ब्रेन सर्जरी के पहले या बाद में उपयोग होता है। ऐसे में इसकी घटिया गुणवत्ता मरीजों की जान को जोखिम में डाल सकती है। CGMSC ने कंपनी को नोटिस भेजकर पूछा है कि सब-स्टैंडर्ड दवा की सप्लाई क्यों की गई और क्यों न इस मामले में उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

कंपनी को एक सप्ताह में जवाब देने का समय दिया गया है। साथ ही, दवा के दोनों बैचों को पहले जांचने वाली लैब के अलावा अब दो अन्य एनएबीएल प्रमाणित लैब में परीक्षण के लिए भेजा गया है। यदि वहां भी दवा घटिया पाई जाती है, तो कंपनी पर कड़ी कार्रवाई तय है।

CGMSC का दावा – गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं

CGMSC की प्रबंध निदेशक पद्मिमनी भोई साहू ने कहा कि, “हम क्वॉलिटी बेस्ड दवाओं के वितरण में विश्वास रखते हैं। दिल्ली की कंपनी को सख्त चेतावनी दी गई है। यदि दोबारा भी इंजेक्शन की गुणवत्ता खराब पाई गई, तो कंपनी के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।”

क्या है फेनीटोन इंजेक्शन?

फेनीटोन सोडियम इंजेक्शन एक लाइफ सेविंग एंटी-एपिलेप्टिक दवा है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से:

  • मिर्गी के मरीजों को बार-बार दौरे पड़ने की स्थिति में
  • ब्रेन सर्जरी के पहले या बाद में
  • सिर में गंभीर चोट लगने के बाद
  • कुछ मामलों में कार्डियक एरिदमिया (दिल की धड़कन की अनियमितता) के इलाज में

किया जाता है। यह दवा नेरो थैरेपेटिक इंडेक्स वाली है, यानी इसका असर और साइड इफेक्ट दोनों अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। इसलिए इसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

 

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