पानी की बर्बादी रोकने रेलवे का बड़ा कदम: वंदे भारत एक्सप्रेस में एक लीटर नहीं, अब मिलेगा आधा लीटर पानी
Vande Bharat Express: अब वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर करने वाले यात्रियों को एक लीटर की जगह 500 मिलीलीटर यानी आधा लीटर की रेल नीर पानी की बोतल दी जा रही है। रेलवे बोर्ड ने आईआरसीटीसी को यह निर्देश पानी की बर्बादी रोकने और प्लास्टिक कचरा कम करने के उद्देश्य से दिया है।
यात्रियों की जरूरत से ज्यादा पानी हो रहा था बर्बाद:
बिलासपुर से नागपुर और दुर्ग से विशाखापट्टनम के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेनों में यह नया नियम लागू कर दिया गया है। रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, पहले यात्रियों को मिलने वाली एक लीटर की पानी की बोतल का 70% पानी बर्बाद हो जाता था। एक रिपोर्ट के अनुसार, बिलासपुर-नागपुर रूट पर प्रतिदिन सफर करने वाले 700 यात्रियों में से लगभग 350 यात्री बोतल का आधा पानी भी नहीं पीते थे, और वह फेंक दिया जाता था।
हर दिन 20 लीटर से ज्यादा पानी की हो रही बचत:
बिलासपुर-रायपुर खंड पर यह बर्बादी सबसे ज्यादा देखने को मिली, क्योंकि वहां का सफर केवल 1 घंटे 10 मिनट का है। यात्रियों के बोतल अधूरी छोड़ने के बाद ट्रेन स्टाफ को उसे फेंकना पड़ता था। अब आधा लीटर पानी दिए जाने से प्रतिदिन 20 लीटर से अधिक पानी की बचत हो रही है। ट्रेन अटेंडरों के अनुसार, अब सिर्फ 10% यात्री ही दोबारा पानी मांगते हैं।
सिर्फ वंदे भारत में लागू हुआ है नया नियम:
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव सिर्फ वंदे भारत एक्सप्रेस के लिए किया गया है। यह देश की हाई-एंड लक्जरी ट्रेन है और इसमें बेहतर सुविधा और प्रबंधन के अंतर्गत यह फैसला लिया गया है। हालांकि, अन्य लग्जरी ट्रेनों जैसे राजधानी और शताब्दी में अभी भी पहले की तरह पानी की बोतल दी जाती है, लेकिन अगर यात्री दूसरी बोतल मांगते हैं तो उन्हें उसका भुगतान करना होगा।
