पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का मौका, 3 विभागों में मिलेगा 10% आरक्षण
छत्तीसगढ़ में सेना की अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले युवाओं को अब राज्य की सरकारी भर्तियों में विशेष अवसर मिलेगा। राज्य सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी के पदों पर नियुक्ति देने के लिए नए नियम निर्धारित किए हैं। इसके तहत इन तृतीय श्रेणी के पदों पर 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने 15 अक्टूबर को इस संबंध में नियम जारी किए हैं। नई व्यवस्था में चयन प्रक्रिया को भी अलग रखा गया है। पात्र पूर्व अग्निवीरों की मेरिट सूची 10वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार होगी। उन्हें लिखित परीक्षा और शारीरिक योग्यता एवं दक्षता परीक्षा से छूट देने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, भर्ती का लाभ निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को ही मिलेगा।
तीन विभागों में नौकरी पाने का अवसर
सरकार के नए नियमों के अनुसार, पूर्व अग्निवीरों की भर्ती अलग-अलग विभागों के माध्यम से की जाएगी। पुलिस आरक्षक के पद गृह (पुलिस) विभाग, वनरक्षक के पद वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और जेल प्रहरी के पद जेल विभाग के अंतर्गत आएंगे।
इस व्यवस्था का लाभ छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी उन युवाओं को मिलेगा, जिन्होंने केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत थल सेना, नौसेना या वायुसेना में चार वर्ष की सेवा सफलतापूर्वक पूरी की है।
पहले बैच को मिलेगी 5 साल की अतिरिक्त आयु छूट
भर्ती में आवेदन करने वाले पूर्व अग्निवीरों को उम्र के मामले में भी राहत दी गई है। पहले बैच के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की अतिरिक्त छूट मिलेगी। वहीं, अन्य बैचों के पूर्व अग्निवीरों को तीन वर्ष की अतिरिक्त छूट देने का प्रावधान है।
यह छूट संबंधित विभाग के भर्ती नियमों के साथ सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से विभिन्न वर्गों को मिलने वाली आयु सीमा की छूट के अतिरिक्त होगी। हालांकि, सभी छूट को जोड़ने के बाद भी अधिकतम आयु सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक नहीं हो सकेगी।
10वीं के अंकों के आधार पर बनेगी मेरिट
पूर्व अग्निवीरों के चयन में 10वीं की परीक्षा के अंक महत्वपूर्ण होंगे। नियमों के मुताबिक, अभ्यर्थियों की बैचवार मेरिट सूची तैयार की जाएगी और चयन के लिए 10वीं में प्राप्त अंकों को आधार बनाया जाएगा।
यदि दो अभ्यर्थियों के अंक बराबर होते हैं, तो अधिक उम्र वाले उम्मीदवार को मेरिट सूची में ऊपर स्थान दिया जाएगा। इसके अलावा, भारत सरकार के गृह मंत्रालय से प्राप्त पूर्व अग्निवीरों की मेरिट सूची के आधार पर भी चयन सूची तैयार की जा सकती है।
सेना, नौसेना या वायुसेना से प्राप्त ऐसा शैक्षणिक प्रमाणपत्र भी मान्य होगा, जो मैट्रिक यानी 10वीं के प्रमाणपत्र के समकक्ष है।
लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट से छूट
इस भर्ती व्यवस्था में पात्र पूर्व अग्निवीरों को लिखित परीक्षा के साथ शारीरिक योग्यता और दक्षता परीक्षा से भी पूरी तरह छूट दी गई है। इससे सेना में सेवा के बाद राज्य में सरकारी नौकरी पाने की तैयारी कर रहे युवाओं को राहत मिल सकती है।
नियमों में बैचवार चयन का प्रावधान भी रखा गया है। पहले बैच के पात्र अभ्यर्थियों के चयन पर विचार करने के बाद ही अगले बैच के उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।
आवेदन के लिए बनेगा अलग पोर्टल
पूर्व अग्निवीरों की भर्ती प्रक्रिया को संचालित करने के लिए अलग पोर्टल विकसित किया जाएगा। संबंधित विभागों की ओर से भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद पात्र उम्मीदवारों को इसी पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा।
आवेदन और चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित विभाग के अधिकृत नियुक्ति अधिकारी नियुक्ति आदेश जारी करेंगे। चयनित अभ्यर्थियों को तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा जाएगा।
एक बार नियुक्ति मिलने पर दोबारा नहीं मिलेगा आरक्षण
नए नियमों के तहत पूर्व अग्निवीर कोटे से किसी एक पद पर नियुक्ति प्राप्त करने वाला अभ्यर्थी दूसरे पद पर भर्ती के लिए दोबारा इसी आरक्षण का लाभ नहीं ले सकेगा।
इसका मतलब है कि पुलिस आरक्षक, वनरक्षक या जेल प्रहरी में से किसी एक पद पर पूर्व अग्निवीर आरक्षण के तहत नियुक्ति मिलने के बाद उम्मीदवार दूसरी भर्ती में इस कोटे का फिर से इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।
भर्ती विज्ञापन के बाद स्पष्ट होगी आवेदन की तारीख
सरकार ने पूर्व अग्निवीरों की भर्ती के लिए नियम निर्धारित कर दिए हैं, लेकिन आवेदन की शुरुआत, अंतिम तारीख और पदों की संख्या संबंधित विभागों के भर्ती विज्ञापन से स्पष्ट होगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को पात्रता, आयु सीमा और आवेदन संबंधी निर्देशों के लिए आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना होगा।
नई व्यवस्था से छत्तीसगढ़ के स्थानीय पूर्व अग्निवीरों को पुलिस, वन और जेल विभाग में रोजगार पाने का अवसर मिलेगा। सरकार ने आरक्षण के साथ आयु सीमा और चयन प्रक्रिया में भी विशेष प्रावधान किए हैं।
