CJP Protest: प्रदर्शन पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, दुकानदारों के नुकसान पर जताई चिंता

CJP Protest

दिल्ली के कनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर कानूनी हलचल तेज हो गई है। प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग के साथ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई, लेकिन शीर्ष अदालत ने तत्काल कोई आदेश देने से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि प्रदर्शन के कारण कनॉट प्लेस के छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे उम्मीद है कि लोग समझदारी से काम लेंगे, क्योंकि व्यापार से पूरे परिवार का भरण-पोषण होता है। अदालत ने मामले की सुनवाई 26 या 27 अक्टूबर को करने की बात कही और जरूरत पड़ने पर आदेश देने के संकेत दिए।

सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल रोक लगाने से क्यों किया इनकार?

कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन के खिलाफ दायर याचिका में व्यापारियों को होने वाले संभावित नुकसान का मुद्दा उठाया गया। याचिकाकर्ता के अनुसार, विरोध-प्रदर्शन से व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं और दुकानदारों को अपना कारोबार बंद करना पड़ सकता है।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया। अदालत ने व्यापारिक गतिविधियों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि लोगों को समझदारी से काम लेना चाहिए। कोर्ट इस मामले पर 26 या 27 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। आवश्यकता पड़ने पर आगे आदेश पारित किए जा सकते हैं।

CJP ने शाम 5 बजे प्रदर्शन का किया ऐलान

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में शाम 5 बजे प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। उन्होंने लोगों से आशुतोष रांका और सौरव दास के समर्थन में सामने आने की अपील की।

यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध के तौर पर आयोजित किया जा रहा है। आशुतोष रांका और सौरव दास 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर गेट फांदकर पहुंचे थे। दोनों ने तिरंगा लेकर नारेबाजी की थी। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और अगले दिन गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

दिल्ली हाई कोर्ट में भी पहुंचा था मामला

कनॉट प्लेस में प्रदर्शन को रोकने की मांग पहले दिल्ली हाई कोर्ट में भी उठाई गई थी। 15 अक्टूबर को हाई कोर्ट ने सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन पर रोक लगाने का आदेश देने से इनकार कर दिया था।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा था कि सेंट्रल पार्क विरोध-प्रदर्शन के लिए उपयुक्त स्थान नहीं है और प्रदर्शन की आशंका के चलते कारोबारियों ने दुकानें बंद करना शुरू कर दिया है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने अदालत को भरोसा दिलाया था कि स्थिति को नियंत्रित रखने और गतिविधियों को व्यवस्थित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

CJP के प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के 6,000 से अधिक जवानों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 220 कंपनियों की तैनाती की गई है।

सुरक्षा एजेंसियों का विशेष ध्यान कनॉट प्लेस के व्यावसायिक क्षेत्र के प्रवेश और निकास मार्गों पर है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के साथ आम लोगों की आवाजाही को भी सुचारु रखा जा सके। इलाके में सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है।

शुक्रवार और शनिवार को बंद रहेगा सेंट्रल पार्क

प्रदर्शन को लेकर नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए शुक्रवार और शनिवार को सेंट्रल पार्क आम जनता के लिए बंद रखने की घोषणा की है।

वहीं, दिल्ली पुलिस ने कहा कि कुछ चुनिंदा लोगों को किसी उपयुक्त स्थान पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान गाने की अनुमति दी जा सकती है। अब इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर नजर रहेगी, जहां प्रदर्शन और व्यापारियों के हितों से जुड़े मुद्दे पर आगे का रुख स्पष्ट हो सकता है।

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