‘पूरा देश जंतर-मंतर बन जाएगा’: CJP सदस्यों की हिरासत और पाबंदियों पर फूटा प्रकाश राज का गुस्सा
नई दिल्ली। राष्ट्रीय ध्वज लेकर जंतर-मंतर पर पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्यों सौरव दास और आशुतोष रंका को मंगलवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई और जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के तौर पर डी-नोटिफाई करने के सरकारी फैसले पर अभिनेता प्रकाश राज ने बुधवार को तीखी आलोचना की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो जारी कर 61 वर्षीय अभिनेता ने प्रशासन के इन कदमों पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सीजेपी सदस्यों की हिरासत और पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
प्रकाश राज ने अपने वीडियो में कहा कि हवा का रुख बदल चुका है। उन्होंने सवाल किया कि सौरव और आशुतोष राष्ट्रीय ध्वज लेकर प्रदर्शन करने जंतर-मंतर गए थे, तो उन्हें हिरासत में लेकर पांच दिन की न्यायिक रिमांड पर क्यों भेजा गया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में भेजे गए गुंडे प्रदर्शनकारियों की पिटाई कर रहे हैं और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी करते हुए उनके ब्रेस्ट को पुश कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या ऐसी हरकतें करने वालों के खिलाफ कोई पुलिस केस या हिरासत की कार्रवाई नहीं होती।
जंतर-मंतर हटाने और रामलीला मैदान के खर्च पर तंज
अभिनेता ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने और लोगों को अन्यत्र जाने का निर्देश देने को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने भारत सरकार द्वारा तय नए स्थल रामलीला मैदान के नियमों और खर्च पर चिंता जताते हुए कहा कि वहां जगह की भारी कमी है, जहां साल में केवल दो दिन ही जगह खाली मिलती है। इसके अलावा प्रदर्शन के लिए 50,000 रुपये की फीस और 50,000 रुपये का रिफंडेबल डिपॉजिट मांगा जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस देश में नागरिकों को सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछने के लिए भी पैसे देने पड़ेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रदर्शन स्थल को अंडमान-निकोबार, किसी रेगिस्तान या हिमालय की चोटी पर शिफ्ट कर देना चाहिए और कहना चाहिए कि वहां जाकर प्रदर्शन करो।
‘विरोध रोक सकते हैं, लेकिन देश की आवाज नहीं’
राजधानी में लंबे समय से विरोध-प्रदर्शन का केंद्र रहे जंतर-मंतर पर पाबंदियों की निंदा करते हुए प्रकाश राज ने चेतावनी दी कि स्थान बंद करने से असहमति के स्वर नहीं रुकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन भले ही विरोध की जगह बदल दे या विरोध को रोक दे, लेकिन वह इस देश की आवाज को नहीं दबा सकता और यदि ऐसा किया गया तो पूरा देश ही जंतर-मंतर बन जाएगा।
Fraaand .. five days of judicial custody for protesting with the National Flag 😂😂😂 how desperate you are #justasking https://t.co/Ho6JAWk6BT
— Prakash Raj (@prakashraaj) October 14, 2026
