MP के पूर्व सांसद ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल, सियासी सफर रहा है शानदार

भोपाल। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व सांसद और पूर्व कैबिनेट मंत्री ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार की अनुशंसा पर राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी नियुक्तियों की सूची में बिसेन के नाम पर मुहर लगाई गई है। इस फेरबदल के तहत ढाल सिंह बिसेन के अलावा पांच अन्य राज्यों में भी नए राज्यपालों की नियुक्ति की गई है। बिसेन को यह संवैधानिक जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके गृह क्षेत्र सिवनी और पूरे महाकोशल संभाग में खुशी की लहर दौड़ गई है।

सिवनी से निकले जमीनी नेता, 4 बार रहे विधायक और मंत्री

मूल रूप से मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के रहने वाले ढाल सिंह बिसेन का राजनीतिक सफर बेहद लंबा और बेदाग रहा है। उन्होंने जमीनी स्तर से अपनी राजनीति की शुरुआत की और क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाई। बिसेन लगातार चार बार—1990, 1993, 1998 और 2003 में मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। राज्य सरकार में उन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में भी विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व संभाला और प्रशासनिक दक्षता की छाप छोड़ी।

2019 में बालाघाट लोकसभा सीट से दर्ज की थी बड़ी जीत

विधानसभा और राज्य मंत्रिमंडल में सफल पारी के बाद पार्टी ने उन्हें केंद्रीय राजनीति के मैदान में उतारा। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें बालाघाट-सिवनी संसदीय सीट से अपना प्रत्याशी बनाया, जहां उन्होंने बड़े अंतर से जीत हासिल कर संसद में क्षेत्र की आवाज उठाई। संगठन और सत्ता दोनों में लंबे अनुभव के कारण उनकी गिनती भाजपा के बेहद सुलझे हुए और अनुभवी नेताओं में की जाती रही है।

पांच अन्य राज्यों में भी हुई नए राज्यपालों की तैनाती

राष्ट्रपति भवन से जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, संवैधानिक फेरबदल के तहत ढाल सिंह बिसेन के साथ-साथ पांच अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी नए राज्यपालों और उपराज्यपालों की पदस्थापना की गई है। बिसेन के लंबे प्रशासनिक, विधायी और सार्वजनिक जीवन के अनुभव को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें उत्तराखंड जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण सीमावर्ती राज्य की जिम्मेदारी सौंपी है।

Youthwings