अखिलेश यादव को बड़ा झटका: 14 अक्टूबर को बीजेपी का दामन थामेंगे सपा के 3 बागी विधायक, अमेठी में होगा शक्ति प्रदर्शन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगने जा रहा है। राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से हटकर क्रॉस वोटिंग करने वाले तीन बागी विधायक आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। ये तीनों विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी 14 अक्टूबर को अमेठी के गौरीगंज में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस मेगा जॉइनिंग कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व और सरकार के कई प्रमुख मंत्रियों के शिरकत करने की संभावना है।

गौरीगंज से लगातार तीन बार जीते राकेश प्रताप सिंह

अमेठी की राजनीति में राकेश प्रताप सिंह का प्रभाव बेहद मजबूत माना जाता है। वे जिले की गौरीगंज सदर सीट से लगातार तीसरी बार विधायक चुने गए हैं। विधानसभा चुनाव 2022 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर लड़ते हुए उन्होंने कड़े मुकाबले में बीजेपी उम्मीदवार चंद्र प्रकाश मिश्रा को 6,963 वोटों के अंतर से पराजित किया था। उस चुनाव में राकेश प्रताप सिंह को 79,040 वोट हासिल हुए थे, जबकि बीजेपी प्रत्याशी को 72,077 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा था। उनके पाला बदलने से अमेठी अंचल में सपा के संगठन को बड़ा नुकसान माना जा रहा है।

जालौन की कालपी सीट से दो बार के विधायक हैं विनोद चतुर्वेदी

बुंदेलखंड के जालौन जिले की कालपी विधानसभा सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी भी बीजेपी का दामन थामने वाले नेताओं में शामिल हैं। वे इस सीट से लगातार दो बार विधानसभा पहुंच चुके हैं। 2022 के चुनाव में कालपी सीट पर उन्होंने एनडीए गठबंधन के प्रत्याशी छोटे सिंह को बेहद करीबी और कड़े मुकाबले में 2,816 वोटों के अंतर से हराया था। विनोद चतुर्वेदी को 69,782 वोट मिले थे, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी छोटे सिंह 66,966 मत हासिल कर पाए थे। बुंदेलखंड के इस ब्राह्मण चेहरे के जाने से सपा की क्षेत्रीय पकड़ पर सीधा असर पड़ेगा।

अयोध्या की गोसाईंगंज सीट से कद्दावर चेहरा हैं अभय सिंह

अयोध्या जिले की गोसाईंगंज विधानसभा सीट पर अभय सिंह का मजबूत दबदबा रहा है। वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई इस सीट पर मुकाबला हमेशा अभय सिंह और पूर्व विधायक इंद्र प्रताप उर्फ खब्बू तिवारी के परिवार के बीच केंद्रित रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा उम्मीदवार के रूप में अभय सिंह ने खब्बू तिवारी की पत्नी और बीजेपी प्रत्याशी आरती तिवारी को 13,079 मतों के बड़े अंतर से मात दी थी। इस चुनाव में अभय सिंह को 1,05,863 वोट मिले थे, जबकि आरती तिवारी 92,784 वोट जुटा सकी थीं। इन तीनों कद्दावर और सिटिंग विधायकों के भाजपा में जाने से सपा प्रमुख अखिलेश यादव के लिए आगामी चुनावी समीकरणों को साधना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

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