‘आप मेरे बड़े भाई और भगवान विष्णु के अवतार’: 25 साल की जनसेवा पर भूटानी PM शेरिंग तोबगे ने पीएम मोदी को लिखी भावुक चिट्ठी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार के मुखिया के रूप में 25 गौरवशाली वर्ष पूरे होने पर पड़ोसी देश भूटान से एक बेहद आत्मीय और भावुक संदेश सामने आया है। भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने पीएम मोदी के नाम एक विस्तृत पत्र लिखकर उनके ढाई दशक के सार्वजनिक जीवन और राष्ट्रसेवा की दिल खोलकर सराहना की है। तोबगे ने पीएम मोदी को 25 साल की जनसेवा के लिए बधाई देते हुए उन्हें अपना “बड़ा भाई” बताया और एक समझदार व नेक शासक के रूप में उनकी तुलना “भगवान विष्णु के अवतार” से की।
2019 की मुलाकात का संस्मरण: ‘एक आम नागरिक के रूप में मिला था’
पत्र में भूटानी प्रधानमंत्री ने कुछ साल पहले दिल्ली में हुई एक मुलाकात को याद करते हुए लिखा कि 27 जुलाई 2019 को वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे थे। उस समय उनकी पार्टी भूटान के आम चुनावों में हार चुकी थी और संसद में उनका कोई प्रतिनिधित्व नहीं था। तोबगे ने लिखा कि वे न तो प्रधानमंत्री थे और न ही सांसद, बल्कि सिर्फ एक आम नागरिक के तौर पर पीएम मोदी से मिलने गए थे। उस मुलाकात में उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान मिले निरंतर सहयोग के लिए भारत के प्रधानमंत्री का आभार जताया था।
To Prime Minister @narendramodi,
An avatar of our times https://t.co/84RDOEfELm— Tshering Tobgay (@tsheringtobgay) October 7, 2026
‘उम्र में ही नहीं, स्नेह में भी बड़े भाई हैं मोदी’
शेरिंग तोबगे ने पत्र में लिखा कि उन्होंने उस दिन पीएम मोदी से कहा था कि वे हमेशा उनके बड़े भाई रहेंगे—सिर्फ इसलिए नहीं कि वे उम्र में वरिष्ठ हैं, बल्कि इसलिए क्योंकि उन्होंने हमेशा एक छोटे भाई जैसा असीम स्नेह और सम्मान दिया। तोबगे ने आगे बताया कि उसी दौरान उन्होंने पीएम मोदी को भगवान विष्णु का अवतार कहा था, क्योंकि इस समूचे क्षेत्र की परंपरा में न्यायप्रिय, समझदार और लोक-कल्याणकारी शासकों को लंबे समय से इसी रूप में देखा जाता रहा है।
आत्ममंथन और गुजरात से लेकर भारत तक के विकास का विजन
भूटानी प्रधानमंत्री ने लिखा कि अपनी बात कहने के बाद शुरुआत में उन्हें आश्चर्य हुआ कि क्या वे भावनाओं में बहकर ऐसा बोल गए। लेकिन बाद में जब उन्होंने आत्ममंथन किया तो उन्हें लगा कि उनका सोचना बिल्कुल सही था। तोबगे के अनुसार, उन्होंने पीएम मोदी को लगभग 13 वर्षों तक गुजरात का सफल नेतृत्व करते देखा था, जब वह राज्य इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, सुशासन और विकास के मामले में पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल बन गया था। इसके बाद उन्होंने उसी सोच को राष्ट्रीय स्तर पर बदलते देखा, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, वित्तीय समावेशन, स्वच्छता, डिजिटल तकनीक और बुनियादी ढांचे के विकास को ‘सेवा ही संकल्प’ के भाव से पूरा किया गया।
‘अथक परिश्रमी जनसेवक, जिन्होंने देशवासियों में जगाया विश्वास’
पत्र के अंत में शेरिंग तोबगे ने प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने एक ऐसा जनसेवक देखा है जो अत्यंत अनुशासित, ऊर्जावान और असाधारण रूप से परिश्रमी है। उन्होंने लिखा कि जिस बात ने उन्हें सबसे अधिक प्रभावित किया, वह है देश और देशवासियों के प्रति नरेंद्र मोदी का अटूट समर्पण भाव। तोबगे ने कहा कि पीएम मोदी ने भारतीयों के भीतर खुद पर और अपने देश की क्षमता पर एक अटूट आत्मविश्वास पैदा किया है, और एक विवेकशील व आदर्श शासक की यही सबसे बड़ी पहचान होती है।
