Rajpal Yadav को आखिरी मौका? Supreme Court की सख्ती के बाद अब जेल जाने का मंडराया खतरा
Supreme Court on Rajpal Yadav: ‘आपकी जगह जेल में है’, चेक बाउंस केस में कोर्ट की कड़ी फटकार
चेक बाउंस के 7 मामलों में फंसे अभिनेता Rajpal Yadav को सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई। 5 करोड़ रुपये जमा करने के आदेश के बावजूद कोर्ट में सिर्फ 50 लाख रुपये के डिमांड ड्राफ्ट की कॉपी पेश की गई। ‘आपकी जगह जेल में है’ जैसी सख्त टिप्पणी के बाद अब बड़ा सवाल है कि क्या राजपाल यादव को दोबारा जेल जाना पड़ेगा?
‘आपकी जगह जेल में है’… Rajpal Yadav पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
बॉलीवुड अभिनेता Rajpal Yadav की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। चेक बाउंस से जुड़े 7 मामलों में दोषसिद्धि के खिलाफ उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 5 अक्टूबर 2026 को उन्हें कड़ी फटकार लगाई।
चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने इस बात पर नाराजगी जताई कि कोर्ट के निर्देश के बावजूद राजपाल यादव 5 करोड़ रुपये की रकम जमा नहीं कर सके। कोर्ट के सामने उनकी ओर से सिर्फ 50 लाख रुपये के डिमांड ड्राफ्ट की कॉपी पेश की गई।
जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “आपकी जगह जेल में है।”
कोर्ट ने यह भी कहा कि राजपाल यादव के रवैये में कोर्ट के प्रति सम्मान दिखाई नहीं दे रहा है।
5 करोड़ जमा करने का था आदेश, पेश हुआ सिर्फ 50 लाख का ड्राफ्ट
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर में Rajpal Yadav को अंतरिम राहत देते हुए कोर्ट रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त रखी थी। इसके बाद उन्हें रकम जमा करने के लिए समय दिया गया था और अंतरिम राहत को 5 अक्टूबर तक बढ़ाया गया था।
सोमवार को जब मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा तो Rajpal Yadav की ओर से 50 लाख रुपये के डिमांड ड्राफ्ट की कॉपी पेश की गई।
इस पर बेंच ने सवाल उठाया कि जब 5 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश था तो सिर्फ 50 लाख रुपये क्यों पेश किए गए। कोर्ट ने कहा कि अभिनेता को पर्याप्त समय दिया गया था और अब निर्धारित समय समाप्त हो चुका है।
क्या फिर जेल जाएंगे Rajpal Yadav?
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राजपाल यादव को दोबारा जेल जाना पड़ेगा।
हालांकि, 5 अक्टूबर की सुनवाई में कोर्ट ने उन्हें तत्काल जेल भेजने का अंतिम आदेश नहीं दिया है। कोर्ट ने भुगतान के लिए एक और मौका दिया है और मामले को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि राजपाल यादव को निश्चित रूप से दोबारा जेल जाना ही पड़ेगा। उनकी अंतरिम राहत और आगे की कानूनी स्थिति अगली सुनवाई और कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन पर निर्भर करेगी।
कोर्ट ने Rajpal Yadav के रवैये पर जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से राजपाल यादव के रवैये पर सवाल उठाए गए। अभिनेता के वकील ने 50 लाख रुपये के अंतरिम भुगतान को सही ठहराते हुए कहा कि शिकायतकर्ता आर्थिक रूप से कमजोर नहीं हैं।
इस पर कोर्ट ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। बेंच ने कहा कि शिकायतकर्ता भले ही आर्थिक रूप से मजबूत हों, लेकिन जिस रकम को लेकर विवाद है, उसके संदर्भ में उनकी स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने राजपाल यादव के रवैये पर भी नाराजगी जाहिर की और कहा कि इस तरह का रवैया अदालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
क्या है राजपाल यादव का पूरा चेक बाउंस मामला?
यह विवाद फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है। मामले के अनुसार, मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने फिल्म से संबंधित वित्तीय व्यवस्था के तहत राजपाल यादव और उनसे जुड़ी संस्थाओं को करीब 5 करोड़ रुपये की रकम दी थी।
बाद में भुगतान को लेकर विवाद हुआ और कंपनी को दिए गए कई चेक बाउंस हो गए। इसके बाद मुरली प्रोजेक्ट्स ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत मामले दर्ज कराए।
इन मामलों में राजपाल यादव को निचली अदालतों में दोषी ठहराया गया। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने जुलाई 2026 में 7 चेक बाउंस मामलों में उनकी सजा को बरकरार रखते हुए तीन महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई।

सुप्रीम कोर्ट में क्या है Rajpal Yadav की याचिका?
राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल उनकी याचिका पर अंतिम फैसला नहीं दिया है और अंतरिम राहत को भुगतान की शर्त से जोड़ा है।
5 अक्टूबर की सुनवाई में कोर्ट ने याचिका को तुरंत खारिज नहीं किया, बल्कि भुगतान को लेकर अभिनेता को एक और मौका दिया।
अब अगली सुनवाई पर टिकी नजर
सुप्रीम कोर्ट ने मामले को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। अब सबसे अहम सवाल यह है कि क्या राजपाल यादव कोर्ट के निर्देश के मुताबिक रकम जमा कर पाते हैं या नहीं।
फिलहाल Rajpal Yadav को दोबारा जेल भेजने का अंतिम आदेश नहीं हुआ है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों और भुगतान संबंधी निर्देशों ने इस मामले को बेहद महत्वपूर्ण बना दिया है। अगली सुनवाई में कोर्ट का रुख मामले की आगे की दिशा तय कर सकता है।
