CM मोहन यादव के गढ़ से 2028 की बिसात: पचमढ़ी के बाद अब उज्जैन में डेरा डालेंगे राहुल गांधी, ब्लॉक-मंडल अध्यक्षों को सिखाएंगे ‘बूथ मैनेजमेंट’
भोपाल। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस संगठन की जर्जर जमीन को दोबारा सींचने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। राज्य में आगामी 2028 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए राहुल गांधी लगातार मध्य प्रदेश पर फोकस बनाए हुए हैं। पचमढ़ी में नवनियुक्त जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर, इंदौर में छात्रों के बीच संवाद और हाल ही में बालाघाट के जगला गांव में बैगा आदिवासियों से जमीनी स्तर पर मुलाकात के बाद अब राहुल गांधी का अगला बड़ा पड़ाव धार्मिक नगरी उज्जैन में प्रस्तावित है। नवरात्र संपन्न होने के तुरंत बाद उज्जैन में एक भव्य संगठनात्मक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा।
पचमढ़ी मॉडल पर उज्जैन में शिविर, ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों की लगेगी क्लास
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पचमढ़ी की तर्ज पर आयोजित होने वाले इस शिविर की सबसे खास बात यह होगी कि इसमें केवल जिला अध्यक्ष नहीं, बल्कि सीधे ब्लॉक और मंडल स्तर के जमीनी पदाधिकारियों को तलब किया जाएगा। पार्टी हाईकमान का स्पष्ट मानना है कि केवल ऊपरी ढांचे या जिला स्तर के प्रभारियों से चुनावी लड़ाई नहीं जीती जा सकती; जब तक बूथ, मंडल और ब्लॉक स्तर का जमीनी कार्यकर्ता सक्रिय नहीं होगा, तब तक भारतीय जनता पार्टी के मजबूत चुनावी तंत्र का मुकाबला करना असंभव है। इस शिविर में कई चरणों में मैराथन बैठकों का दौर चलेगा, जहां खुद राहुल गांधी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।
2028 का रोडमैप: ‘बूथ मैनेजमेंट’ और ‘वोट पर नजर’ का नया फॉर्मूला
इस प्रस्तावित शिविर का मुख्य एजेंडा विधानसभा चुनाव 2028 के लिए अभेद्य रोडमैप तैयार करना है। राहुल गांधी स्वयं ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों को यह सिखाएंगे कि स्थानीय जनसमस्याओं को लेकर ग्राउंड जीरो पर आंदोलन कैसे तेज किया जाए। इस दौरान ‘बूथ मैनेजमेंट’ के साथ-साथ ‘वोट पर नजर’ के एक विशेष संगठनात्मक कॉन्सेप्ट की नींव रखी जाएगी, जिससे फर्जी मतदान पर रोक लगाने और कांग्रेस समर्थकों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सीधे मंडल स्तर के नेताओं की होगी।
मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र मालवा-निमाड़ में सेंध लगाने की रणनीति
रणनीतिक लिहाज से राहुल गांधी के इस कार्यक्रम के लिए उज्जैन का चयन बेहद महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक माना जा रहा है। उज्जैन पूरे मालवा-निमाड़ अंचल का केंद्र है और यही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गृह क्षेत्र भी है। पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का इस पूरे अंचल में प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा था, जबकि बीजेपी का यहां परंपरागत दबदबा है। ऐसे में सीधे मुख्यमंत्री के गृह जिले में शिविर लगाकर राहुल गांधी पूरे मालवा-निमाड़ में कांग्रेस का खोया जनाधार वापस लाने और पार्टी कैडर में नई जान फूंकने की पुरजोर कोशिश करेंगे।
राहुल के दौरे पर एमपी की सियासत गरमाई, तीखे आरोप-प्रत्यारोप
राहुल गांधी के प्रस्तावित उज्जैन दौरे को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विक्रम चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी के दिल में देश का दिल मध्य प्रदेश बसता है और अब जनता के दिल में भी राहुल गांधी हैं। यह दौरा संगठन सृजन के अभियान का हिस्सा है, जिससे मालवा समेत पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंचेगा। वहीं पलटवार करते हुए बीजेपी की प्रदेश प्रवक्ता मंजरी जैन ने तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को केवल सत्ता की लोलुपता सता रही है। देश के सामने अपनी अपरिपक्वता बार-बार साबित कर चुके राहुल गांधी को खुद किसी अच्छे प्रशिक्षण की दरकार है। कांग्रेस गर्त में जा चुकी है और ऐसे दौरों से बीजेपी के मजबूत जनाधार पर रत्ती भर भी असर नहीं पड़ने वाला।
