शिवाजी पार्क प्रदर्शन को लेकर अभिजीत दीपके समेत 4 के खिलाफ पुलिस में शिकायत

अभिजीत दीपके

मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर विवाद और बढ़ गया है। शिवाजी पार्क पुलिस थाने में अभिजीत दीपके, सौरभ दास, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि स्पष्ट अनुमति नहीं मिलने के बावजूद शिवाजी पार्क में प्रदर्शन और बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने की कोशिश की गई। शिकायत में इस प्रस्तावित कार्यक्रम को बॉम्बे हाईकोर्ट के पुराने निर्देशों और महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी आदेशों के विपरीत बताया गया है।

हाईकोर्ट के आदेश का दिया गया हवाला

शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में बॉम्बे हाईकोर्ट के PIL 116/2009 में 4 जनवरी 2013 को दिए गए फैसले का उल्लेख किया है। इसके साथ ही महाराष्ट्र सरकार के 20 जनवरी 2016 के आदेश का भी हवाला दिया गया है। इस मामले में हाईकोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक शिवाजी पार्क के इस्तेमाल, शोर-प्रदूषण और गैर-खेल गतिविधियों को लेकर लंबे समय से प्रतिबंध और नियम लागू हैं। कोर्ट ने शिवाजी पार्क को साइलेंस जोन के तौर पर भी देखा है।

पुलिस ने भी अनुमति नहीं देने की बात कही थी

इससे पहले मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति देने से इनकार किया था। पुलिस ने कहा था कि PIL 116/2009 के 4 जनवरी 2013 के फैसले और महाराष्ट्र सरकार के 20 जनवरी 2016 के आदेश के तहत मुंबई पुलिस शिवाजी पार्क में इस तरह के जमावड़े की अनुमति देने के लिए अधिकृत नहीं है। पुलिस ने आयोजकों को मुंबई में किसी वैकल्पिक स्थान की तलाश कर वहां प्रदर्शन के लिए अनुमति लेने की सलाह भी दी थी।

शिकायत में क्या आरोप लगाए गए?

शिकायतकर्ता का आरोप है कि अनुमति के अभाव के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने का प्रयास किया गया। शिकायत में इसे महज शांतिपूर्ण विरोध के तौर पर नहीं देखने की बात कही गई है शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते समय भी अदालत के निर्देशों और लागू नियमों का पालन किया जाना जरूरी है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि किसी राजनीतिक विचारधारा या अभियान को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।

शिवाजी पार्क को लेकर पहले से हैं पाबंदियां

शिवाजी पार्क में गैर-खेल गतिविधियों और ध्वनि प्रदूषण को लेकर अदालत में लंबे समय से मामला चला है। 2019 के एक आदेश में बॉम्बे हाईकोर्ट ने PIL 116/2009 से जुड़े पुराने आदेशों का उल्लेख करते हुए शिवाजी पार्क को साइलेंस जोन और वहां लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर कड़े प्रतिबंधों की बात दर्ज की थी। मौजूदा विवाद इसी कानूनी पृष्ठभूमि के बीच सामने आया है। शिकायत में चार लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत तय होगी।

शिकायत में कोर्ट के अपमान का भी आरोप

शिकायतकर्ता ने प्रस्तावित प्रदर्शन को हाईकोर्ट के निर्देशों की अवहेलना बताते हुए इसे अदालत के सम्मान से जुड़ा मामला बताया है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोप अपने आप में किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि नहीं हैं। मामले में आगे पुलिस की जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।

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