छात्रों ने प्रिंसिपल-शिक्षिका के खिलाफ खोला मोर्चा, अभद्र व्यवहार और प्रताड़ना के लगाए आरोप
बिलासपुर जिले के मल्हार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की ओर से की गई शिकायतों ने स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यार्थियों ने जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को अलग-अलग शिकायतें सौंपते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायतों में रेडक्रॉस से जुड़ी सामग्री उपलब्ध नहीं कराने, शिक्षिका के कथित अभद्र व्यवहार, विद्यार्थियों को डांटने और भेदभाव करने के आरोप शामिल हैं। इसके अलावा प्राचार्य के व्यवहार को लेकर भी विद्यार्थियों ने शिकायत की है। छात्रों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई की मांग की है।
रेडक्रॉस की सामग्री को लेकर शिकायत
विद्यार्थियों की ओर से दी गई एक शिकायत में विद्यालय की रेडक्रॉस प्रभारी देवांगन मैम को लेकर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि रेडक्रॉस प्रभारी होने के बावजूद विद्यार्थियों को इससे संबंधित जरूरी सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जाती।
विद्यार्थियों ने इस व्यवस्था की जांच कराने और उन्हें आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।
शिक्षिका के व्यवहार पर विद्यार्थियों ने उठाए सवाल
एक अन्य शिकायत में विषय शिक्षिका वर्मा मैडम के कथित व्यवहार का उल्लेख किया गया है। विद्यार्थियों का आरोप है कि कक्षा में किसी विषय को लेकर सवाल पूछने पर उन्हें डांट दिया जाता है।
शिकायत में विद्यार्थियों ने शिक्षिका पर उनके साथ कथित तौर पर भेदभाव करने और अभद्र तरीके से बातचीत करने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कक्षा में ताला लगाने का भी आरोप
विद्यार्थियों की शिकायत में कक्षा संचालन से जुड़ी एक अन्य समस्या का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि शिक्षिका अपनी अनुपस्थिति में कक्षा में ताला लगा देती हैं और उसकी चाबी अपने साथ ले जाती हैं।
विद्यार्थियों के मुताबिक, इससे कक्षा का नियमित संचालन और पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्होंने संबंधित मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
प्राचार्य के व्यवहार को लेकर भी शिकायत
जिला शिक्षा अधिकारी को दी गई शिकायत में विद्यार्थियों ने विद्यालय के प्राचार्य के कथित व्यवहार पर भी आपत्ति जताई है। विद्यार्थियों का आरोप है कि बातचीत के दौरान प्राचार्य की ओर से कथित तौर पर अभद्र भाषा और गाली-गलौज का इस्तेमाल किया जाता है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस तरह के व्यवहार से उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है और स्कूल का माहौल भी प्रभावित होता है।
पहले भी समस्या उठाने का दावा
विद्यार्थियों ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि उन्होंने संबंधित समस्याओं को लेकर पहले भी अपनी बात रखने की कोशिश की थी। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
अब विद्यार्थियों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है।
सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल की मांग
विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ ऐसा वातावरण होना चाहिए, जहां वे बिना डर अपनी समस्याएं शिक्षकों और अधिकारियों के सामने रख सकें। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से विद्यालय की व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित व सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल शिकायतों में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। अब प्रशासन की ओर से मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।
