कठपुतली की तरह काम कर रहा है EC: INDIA गठबंधन का केंद्र पर तीखा हमला, 2 से 8 अक्टूबर तक देशव्यापी मार्च का ऐलान

देश की राजधानी नई दिल्ली में बुधवार 30 सितंबर 2026 को विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची में कथित विसंगतियों और SIR से जुड़े संवेदनशील विषयों पर विपक्षी दलों ने अपनी साझा रणनीति को अंतिम रूप दिया। बैठक के उपरांत कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि गठबंधन में शामिल सभी दलों ने एकजुट होकर लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी और सड़क स्तर पर लड़ाई लड़ने पर पूर्ण सहमति जताई है।

साढ़े 3 घंटे चली बैठक में 6 मुख्य बिंदुओं पर बनी सहमति

विपक्षी दलों की इस बैठक में प्रत्यक्ष और डिजिटल माध्यम से कई दिग्गज नेताओं ने शिरकत की। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित कई प्रमुख नेता ऑनलाइन जुड़े और अपने विचार रखे। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के अनुसार, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी सहित विभिन्न घटक दलों के नेताओं ने जमीनी संघर्ष को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक के दौरान चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए 6 मुख्य प्राथमिकताओं को तय किया गया, जिसके तहत गठबंधन पूरे देश में चरणबद्ध संयुक्त आंदोलन चलाएगा।

2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च

बैठक में लिए गए सबसे बड़े फैसले की जानकारी देते हुए खरगे ने बताया कि INDIA गठबंधन 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक पूरे देश में व्यापक ‘Save Democracy’ यानी ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च आयोजित करेगा। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देश के प्रत्येक जिले में शांतिपूर्ण रैलियां, पदयात्राएं और विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। गठबंधन ने सभी विपक्षी कार्यकर्ताओं, प्रबुद्ध नागरिकों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के संरक्षण के लिए कार्यरत सामाजिक संगठनों से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है, ताकि मतदाता सूची और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।

राष्ट्रपति से मिलेगा विपक्षी प्रतिनिधिमंडल, संवैधानिक स्तर पर उठाएंगे सवाल

सड़क पर उतरने के साथ-साथ विपक्षी गठबंधन इस मुद्दे को संवैधानिक सर्वोच्चता के स्तर पर भी ले जाने की तैयारी में है। मल्लिकार्जुन खरगे ने स्पष्ट किया कि अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में INDIA गठबंधन के प्रमुख नेताओं का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत की राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगेगा। इस बैठक के दौरान राष्ट्रपति को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें चुनाव आयोग की कार्यशैली, निष्पक्षता पर उठ रहे सवाल और वोटर लिस्ट से जुड़ी चिंताओं को दर्ज कराते हुए संवैधानिक हस्तक्षेप की मांग की जाएगी।

खरगे के केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सीधे आरोप

बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार और भारतीय निर्वाचन आयोग पर बेहद तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्था होने के बावजूद चुनाव आयोग पूरी तरह केंद्र की कठपुतली बनकर काम कर रहा है। खरगे ने इसके लिए शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि संस्थाओं की स्वायत्तता को जानबूझकर खत्म किया जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर चुके हैं, और अब इस मुद्दे को लेकर विपक्ष पूर्ण रूप से आक्रामक रणनीति अख्तियार कर चुका है।

Youthwings