अरुणाचल में म्यांमार सीमा पर उग्रवादी हमला, असम राइफल्स का जवान शहीद, 4 घायल
अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के समीप सुरक्षा बलों पर एक कायराना उग्रवादी हमले की खबर सामने आई है। भारत-म्यांमार सीमा के पास नियमित गश्त पर निकली असम राइफल्स की टुकड़ी पर संदिग्ध उग्रवादियों ने अचानक अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस अप्रत्याशित और हिंसक हमले में असम राइफल्स का एक बहादुर जवान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देते हुए शहीद हो गया, जबकि चार अन्य सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायल जवानों को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नामपोंग नाला के पास सुबह हुआ हमला, सीमा पर चल रहा है फेंसिंग का कार्य
यह गंभीर वारदात नामपोंग सर्कल के अंतर्गत पड़ने वाले नामपोंग नाला क्षेत्र में सुबह करीब साढ़े छह बजे घटी। उस समय 21 असम राइफल्स के जवान सीमावर्ती इलाके में नियमित सुरक्षा पेट्रोलिंग पर निकले हुए थे। इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा को सुरक्षित करने के उद्देश्य से बॉर्डर फेंसिंग यानी बाड़ लगाने का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। घात लगाए बैठे संदिग्ध उग्रवादियों ने जवानों को नजदीक आते देख घने जंगलों की आड़ से अचानक गोलियां बरसानी शुरू कर दीं, जिससे जवानों को संभलने का बहुत कम समय मिला।
हवलदार जानखोकाई कुकी ने दिया सर्वोच्च बलिदान, 4 जवान जख्मी
शुरुआती प्रशासनिक और रक्षा सूत्रों के अनुसार, उग्रवादियों की अंधाधुंध फायरिंग में 42 वर्षीय हवलदार जानखोकाई कुकी गंभीर रूप से गोली लगने के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए। वहीं चार अन्य जवानों को गोलियों के छर्रे और चोटें आई हैं, जिनकी स्थिति पर सैन्य डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। घटना की पुष्टि करते हुए चांगलांग के पुलिस अधीक्षक (एसपी) किर्ली पाडु ने बताया कि उन्हें भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्र में हुई इस हिंसक घटना की आधिकारिक सूचना मिली है और उन्होंने मामले की विस्तृत जांच व तथ्यों को जुटाने के लिए चांगलांग पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
NSCN (K-YA) पर हमले का संदेह, जंगलों में बड़ा कांबिंग ऑपरेशन शुरू
हमले के तुरंत बाद सेना और असम राइफल्स की अतिरिक्त टुकड़ियों ने मोर्चा संभाल लिया है और पूरे इलाके को चारों तरफ से घेरकर बड़े पैमाने पर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। प्राथमिक खुफिया रिपोर्टों में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन एनएससीएन (के-वाईए) के कैडरों की संलिप्तता का अंदेशा जताया जा रहा है, हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने हमलावर गुट की आधिकारिक पहचान को लेकर अभी जांच जारी रहने की बात कही है। चांगलांग जिले का यह सीमावर्ती इलाका बेहद दुर्गम और घने जंगलों से घिरा हुआ है, जिसका फायदा उठाकर सीमा पार सक्रिय उग्रवादी गुट अक्सर घुसपैठ और हमलों को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं।
पूर्वोत्तर में उग्रवाद के खिलाफ सख्त रुख, हाल ही में मारे गए थे यूकेएनए के लड़ाके
पूर्वोत्तर के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय विद्रोही गुटों के खिलाफ सुरक्षा बल लगातार सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। इससे पहले मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में भारतीय सेना और असम राइफल्स के एक संयुक्त दल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (UKNA) के दो उग्रवादियों को मार गिराया था और दो अन्य को घायल कर दिया था। वह ऑपरेशन हेंगलेप सब-डिविजन के फाइबोंग गांव के पास उग्रवादी कैंप की पुख्ता सूचना के आधार पर तड़के अंजाम दिया गया था। सुरक्षा बलों का कहना है कि सीमा पार से शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी गैरकानूनी और हिंसक संगठन को बख्शा नहीं जाएगा और चांगलांग हमले के जिम्मेदार आतंकियों को जल्द ही न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
