बाजार जाने से पहले जेब में रख लें नकदी: मध्य प्रदेश में आज व्यापारियों का ‘नो UPI डे’, 2 हजार से ऊपर ऑनलाइन भुगतान लेने से इनकार
भोपाल/इंदौर/जबलपुर। यदि आप आज खरीदारी के लिए बाजार निकलने की योजना बना रहे हैं, तो अपने पर्स में पर्याप्त नकदी (CASH) रखना न भूलें। मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में आज व्यापारियों ने एकजुट होकर ‘नो UPI डे’ (No UPI Day) मनाने का ऐलान किया है। 2 हजार रुपये से अधिक के यूपीआई ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट और अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने के विरोध में व्यापारी सांकेतिक हड़ताल पर हैं। इस विरोध के चलते आज अधिकांश दुकानों और थोक बाजारों में डिजिटल स्कैनर बंद रह सकते हैं या उन पर ऑनलाइन भुगतान लेने से मना किया जा सकता है।
स्कैनर पर काला कपड़ा, भोपाल के थोक बाजारों में दिखेगा सबसे बड़ा असर
राजधानी भोपाल में व्यापारियों ने विरोध का अनूठा तरीका निकाला है। यहां व्यापारी अपने क्यूआर कोड (QR Code) स्कैनर पर काला कपड़ा डालकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराएंगे। थोक किराना व्यापारी संघ का कहना है कि थोक बाजारों में 90 फीसदी से ज्यादा लेन-देन 2 हजार रुपये से ऊपर के होते हैं। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क का सीधा असर उनके कारोबार और अंततः ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा। व्यापारियों का साफ कहना है कि पहले सरकार ने देश को कैशलेस लेनदेन की आदत डाली और अब भारी-भरकम चार्ज वसूलने की तैयारी कर रही है। इसी कड़ी में 16 अक्टूबर से प्रदेश के 4700 पेट्रोल पंपों पर भी 2 हजार से अधिक के यूपीआई भुगतान के खिलाफ विरोध की रणनीति तैयार की जा रही है।
इंदौर में 10 लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य
व्यापारिक राजधानी इंदौर में ‘नो UPI डे’ को लेकर जबरदस्त अभियान छेड़ा गया है। अहिल्या चेम्बर्स और रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के नेतृत्व में शहर के बाजारों में जगह-जगह पोस्टर चस्पा किए गए हैं। सोशल मीडिया प्रचार के साथ-साथ एक विशेष कॉल सेंटर बनाकर हजारों व्यापारियों से सीधे संपर्क साधा गया है ताकि कोई भी व्यापारी आज यूपीआई से बड़ा भुगतान न ले। इस मुहिम का मकसद करीब 10 लाख उपभोक्ताओं और व्यापारियों तक अपनी बात पहुंचाना है। एसोसिएशन की ओर से आम ग्राहकों से भी अपील की गई है कि वे इस एक दिवसीय सांकेतिक विरोध में व्यापारियों का सहयोग करें और खरीदारी के लिए नकदी का ही इस्तेमाल करें।
जबलपुर में घंटाघर से मालवीय चौक तक प्रदर्शन, उपभोक्ता भी उतरे साथ
जबलपुर में व्यापारियों के साथ-साथ उपभोक्ता संगठन भी केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के कार्यकर्ताओं ने घंटाघर चौक पर बैनर-पोस्टर लेकर जमकर नारेबाजी की और 2 हजार से अधिक के लेन-देन पर 0.04 प्रतिशत शुल्क लगाने के प्रस्ताव को तुरंत वापस लेने की मांग की। मंच का कहना है कि यह शुल्क न सिर्फ कारोबारियों की कमर तोड़ेगा बल्कि परोक्ष रूप से आम जनता पर महंगाई का नया बोझ डालेगा। जबलपुर में आज मालवीय चौक पर भी बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।
आम जनता को आज क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
व्यापारियों के इस कड़े रुख के चलते आम खरीदारों को आज बाजार में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
नकदी साथ रखें: अगर आप राशन, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान या बड़ा घरेलू सामान खरीदने जा रहे हैं, तो एटीएम से कैश निकालकर ही बाजार जाएं।
2 हजार से कम का लेन-देन: छोटे खुदरा सामानों पर संभवतः कई दुकानदार ऑनलाइन पेमेंट स्वीकार कर लें, लेकिन 2 हजार से ऊपर के बिल पर आपको सीधे कैश देने को कहा जा सकता है।
अग्रिम पूछताछ करें: काउंटर पर सामान पैक कराने से पहले ही दुकानदार से यह स्पष्ट कर लें कि वे डिजिटल पेमेंट ले रहे हैं या केवल कैश स्वीकार करेंगे।
