जांच के घेरे में थे फिर भी प्रमोशन लिस्ट में आ गया नाम… जानिए कैसे एक ही झटके में पलट गया पूरा खेल?
भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में पदोन्नति की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आने के बाद पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना ने कड़ा रुख अपनाया है। विभागीय जांच और गंभीर शिकायतों का सामना कर रहे 78 पुलिस निरीक्षकों के प्रमोशन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए पूर्व में जारी किए गए पदोन्नति आदेशों को निरस्त कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षकों ने नियुक्ति देने से किया इनकार
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पदोन्नति पाने के बाद इन पुलिसकर्मियों को विभिन्न जिलों में पदस्थापना दी जाने लगी। संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन निरीक्षकों को अपने यहां नई जिम्मेदारी और पदभार सौंपने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद जिलों से पुलिस मुख्यालय को भेजी गई रिपोर्ट में यह तथ्य उजागर हुआ कि पदोन्नति सूची में शामिल कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ पहले से ही गंभीर विभागीय जांच और शिकायतें लंबित हैं, जिन्हें नजरअंदाज कर पदोन्नति सूची में शामिल कर लिया गया था।
डीजीपी ने जारी किया आदेश, तत्काल प्रभाव से सूची रद्द
शिकायतें सामने आने के बाद डीजीपी कैलाश मकवाना ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और बिना किसी देरी के 78 निरीक्षकों के प्रमोशन आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया। डीजीपी के इस कड़े फैसले के बाद अब उन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी आंतरिक समीक्षा की जा रही है जिनकी लापरवाही के चलते जांच के दायरे में आए पुलिसकर्मियों के नाम पदोन्नति सूची में शामिल हो गए थे।

