जल-प्रलय के बीच मौसम विभाग की चेतावनी: MP में आज फिर भारी बारिश, चित्रकूट बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचेंगे CM मोहन यादव

भोपाल। मध्य प्रदेश के विंध्य और बुंदेलखंड अंचल में बाढ़ से मचे हाहाकार के बीच मौसम केंद्र ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने सतना, चित्रकूट और आसपास के इलाकों में तेज बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी के चलते सतना, चित्रकूट, पन्ना, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में नदी-नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं। चित्रकूट में गोरगी बांध टूटने से मंदाकिनी नदी का जलस्तर करीब 30 फीट ऊपर पहुंच गया, जिससे रामघाट का लगभग 300 मीटर लंबा पुल तेज बहाव में बह गया। सड़कों और कॉलोनियों में पानी भरने से कई इलाकों में नाव चलानी पड़ी है। सतना-चित्रकूट मार्ग तीन जगह से बंद है, जबकि रेलवे ट्रैक और थानों में भी पानी घुस गया है। वहीं पन्ना जिले के कई गांव टापू में तब्दील हो चुके हैं और जिला मुख्यालय से उनका संपर्क कट गया है।

ग्राउंड जीरो पर उतरेंगे सीएम मोहन यादव, चित्रकूट का करेंगे दौरा

बाढ़ की इस भीषण विभीषिका के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सतना जिले के चित्रकूट पहुंचकर हालात का जायजा लेंगे। शनिवार रात को मुख्यमंत्री अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर सीधे रीवा पहुंचे थे, जहां उन्होंने देर रात अधिकारियों के साथ आपात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर रीवा और सतना में बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति की समीक्षा की। चित्रकूट में रात भर चले व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक 700 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया जा चुका है, जबकि सतना के छह गांवों से भी कई लोगों को एयरलिफ्ट और बोट्स के जरिए रेस्क्यू किया गया।

भोजन, वस्त्र और शुद्ध पेयजल के निर्देश; RBC 6/4 से मिलेगी राहत राशि

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि किसी भी कीमत पर जनहानि या पशुहानि नहीं होनी चाहिए:

राहत शिविरों की व्यवस्था: बाढ़ पीड़ितों को तत्काल गर्म भोजन, पर्याप्त वस्त्र और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

श्रद्धालुओं का संपर्क: धार्मिक नगरी चित्रकूट में फंसे श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उनके परिजनों से संपर्क साधकर उन्हें सकुशल घर भेजने का प्रबंध हो।

मुआवजे का सर्वे: मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पानी कम होते ही तत्काल नुकसान का विस्तृत सर्वे शुरू किया जाए, ताकि प्रभावितों को राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6/4) के प्रावधानों के तहत तुरंत आर्थिक राहत राशि दी जा सके।

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