MP में अब तक का सबसे बड़ा खेल निवेश: स्कूलों में AI तलाशेगा टैलेंट… जानिए नई ‘खेलो इंडिया स्कीम’ में प्रदेश को क्या-क्या मिला?

भोपाल। मध्य प्रदेश के खेल जगत और उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए एक बेहद शानदार खबर है। राजधानी भोपाल में आयोजित एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में नई ‘खेलो इंडिया स्कीम 2026-31’ का खाका पेश किया गया है। इस बार योजना का बजट पिछली बार के मुकाबले 8 गुना बढ़ाकर 36,441 करोड़ रुपये कर दिया गया है। सबसे खास बात यह है कि इस महायोजना के तहत सबसे बड़ा निवेश मध्य प्रदेश में ही किया जाएगा, जिससे प्रदेश के 10 गुना ज्यादा खिलाड़ियों को सीधा फायदा मिलेगा।

MP और भोपाल को मिली बड़ी सौगात

नई खेल नीति के तहत मध्य प्रदेश के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को वर्ल्ड क्लास बनाने की तैयारी है:

हाई स्पोर्ट्स हब: राजधानी भोपाल को एक ‘हाई स्पोर्ट्स हब’ के रूप में विकसित किया जाएगा।

52 सेंटर्स होंगे मजबूत: पूरे मध्य प्रदेश में पहले से संचालित 52 खेलो इंडिया सेंटर्स को और अधिक मजबूत और हाई-टेक बनाया जाएगा।

फंडिंग का फॉर्मूला: इस पूरी योजना में केंद्र सरकार 60 फीसदी और राज्य सरकार 40 फीसदी बजट साझा करेगी।

AI और वीडियो से तलाशा जाएगा टैलेंट

गांवों और स्कूलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए सरकार इस बार तकनीक का भरपूर इस्तेमाल करने जा रही है। स्कूलों से ही टैलेंट की पहचान करने के लिए ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) और वीडियो आधारित टैलेंट स्काउटिंग का सहारा लिया जाएगा। उभरते हुए खिलाड़ियों को एक अलग पहचान और प्लेटफॉर्म दिया जाएगा, जहां उनकी हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग और डाइट पर विशेष ध्यान रखा जाएगा।

3 प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा फोकस

खिलाड़ियों को मेडल तक पहुंचाने के लिए एक व्यवस्थित ‘स्पोर्टिंग इकोसिस्टम’ तैयार किया जा रहा है। इसके तहत स्थानीय खेल क्षमता के आधार पर टैलेंट क्लस्टर की पहचान कर रणनीति बनाई जाएगी। योजना मुख्य रूप से 3 स्तरों पर काम करेगी:

  • स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर मेडल स्ट्रेटजी
  • स्ट्रेटनिंग स्ट्रेटजिक स्पोर्ट्स एसेट्स
  • स्टेट एक्शन प्लान फॉर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट

इस नई ‘खेलो इंडिया स्कीम’ से यह साफ हो गया है कि आने वाले 5 सालों में मध्य प्रदेश देश की सबसे बड़ी खेल नर्सरी बनकर उभरने वाला है।

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