‘छात्रों से खुद मिलें और समाधान निकालें’; JPSC-JSSC विवाद पर राहुल गांधी की हेमंत सोरेन को चिट्ठी
झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार लंबा खिंचता जा रहा है। राजधानी रांची में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में अभ्यर्थी करीब 23 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में कई छात्र अनशन और भूख हड़ताल पर बैठे हैं। आंदोलन के बढ़ते दबाव के बीच अब कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मामले में हस्तक्षेप किया है।
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर आंदोलनकारी छात्रों से सीधे बातचीत करने और उनकी मांगों को सुनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी बोले- छात्रों से खुद मिलें मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भेजे पत्र में राहुल गांधी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से धरने और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से किसी मध्यस्थ के माध्यम से बातचीत कराने के बजाय आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से सीधे मुलाकात करने की अपील की। उनका कहना है कि आमने-सामने बातचीत से छात्रों की बची हुई आपत्तियों और चिंताओं को समझकर समाधान की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जा सकता है।
20 अगस्त को महाघेराव का ऐलान
छात्रों का आंदोलन अब और आक्रामक होता दिखाई दे रहा है। प्रदर्शनकारियों ने राज्य के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के पुतले जलाकर सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की थी।
आंदोलनकारी छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का अल्टीमेटम दिया है। उनकी प्रमुख मांगों में विवादित परीक्षाओं को रद्द करना और पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग शामिल है।छात्रों के इस रुख के बाद सरकार पर आंदोलन खत्म कराने के लिए ठोस पहल करने का दबाव बढ़ गया है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने CM को सौंपा राहुल गांधी का संदेश
राहुल गांधी की चिट्ठी के बाद रांची महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. कुमार राजा सहित पार्टी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को राहुल गांधी का संदेश सौंपते हुए छात्रों के साथ बातचीत के जरिए गतिरोध खत्म करने की बात रखी। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, राज्य सरकार छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर है और करीब 90 प्रतिशत मांगों के समाधान की दिशा में काम हो चुका है। हालांकि, दो प्रमुख मुद्दे अभी भी लंबित बताए जा रहे हैं।
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दो मुद्दों पर अब भी फंसा पेच
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन CGL परीक्षा से संबंधित मामला और जांच एजेंसी के स्तर पर चल रहा गतिरोध अभी पूरी तरह हल नहीं हुआ है। इन दोनों बिंदुओं को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की जा रही है। यही मुद्दे आंदोलन को खत्म कराने की राह में बड़ी चुनौती बने हुए हैं। छात्र संगठन इन मामलों पर स्पष्ट और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सरकार ने छात्रों को फिर बातचीत के लिए बुलाया
आंदोलन खत्म कराने की कोशिशों के बीच झारखंड सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं को बातचीत के लिए चौथी बार आमंत्रित किया है। रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार के प्रतिनिधियों और छात्र मंच के बीच बैठक प्रस्तावित है।
सरकार की ओर से परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और जवाबदेह बनाने को लेकर ठोस आश्वासन देने की तैयारी की जा रही है। अब सबकी नजर इस बैठक पर है कि क्या सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच किसी समाधान पर सहमति बन पाती है।
क्या खत्म होगा छात्रों का लंबा आंदोलन?
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब राजनीतिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। एक तरफ छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश में जुटी है।
राहुल गांधी के हस्तक्षेप और सरकार की ओर से चौथे दौर की बातचीत के न्योते के बाद गतिरोध खत्म होने की उम्मीद जरूर जगी है। हालांकि, आंदोलनकारी छात्र सरकार के आश्वासन से संतुष्ट होते हैं या 20 अगस्त के प्रस्तावित महाघेराव की ओर आगे बढ़ते हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
