सख्त अफसर और नियम-कायदों की पक्की! केंद्र में उच्च शिक्षा विभाग की कमान संभालेंगी MP की ये वरिष्ठ IAS
भोपाल। मध्य प्रदेश कैडर की 1993 बैच की आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को केंद्र सरकार ने देश का नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है। दीप्ति नरेश पाल गंगवार की जगह यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेंगी।
दीप्ति गौड़ मुखर्जी की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब देशभर में परीक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और खासतौर पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासनिक हलकों में उन्हें जटिल व्यवस्थाओं को ट्रैक पर लाने और नियम-कायदों का कड़ाई से पालन कराने वाली एक कड़क और सख्त अफसर के रूप में जाना जाता है।
देश की उच्च शिक्षा नीति और बड़े नीतिगत फैसलों की संभालेंगी कमान
उच्च शिक्षा सचिव के रूप में दीप्ति गौड़ मुखर्जी के कंधों पर देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई बड़े और नीतिगत फैसलों की जिम्मेदारी होगी। वे मुख्य रूप से विश्वविद्यालयों और तकनीकी शिक्षा संस्थानों के कामकाज का संचालन और निगरानी करेंगी। इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने और NTA से जुड़े सुधारों और छात्र हितों से जुड़े अहम फैसलों की अगुवाई करेंगी।
कौन हैं IAS दीप्ति गौड़ मुखर्जी?
मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने दिल्ली की प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से अर्थशास्त्र में मास्टर्स किया है।
केंद्र में उच्च शिक्षा विभाग की कमान संभालने से पहले वे कॉर्पोरेट अफेयर्स मंत्रालय में सचिव पद पर कार्यरत थीं।
मध्य प्रदेश कैडर की इस वरिष्ठ अधिकारी ने राज्य में स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा और राजस्व जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों में प्रमुख सचिव (Principal Secretary) के रूप में उत्कृष्ट सेवाएं दी हैं।
कार्यशैली और पहचान
प्रशासनिक मामलों में उनकी मजबूत पकड़, अनुशासन और सख्त कार्यशैली के लिए उन्हें जाना जाता है। माना जा रहा है कि उनके अनुभवों का लाभ देश की उच्च शिक्षा प्रणाली को पारदर्शी और मजबूत बनाने में मिलेगा।
