‘सभी सवालों का दूंगा जवाब, मैं खुद चर्चा में बैठूंगा’, विपक्ष के हंगामे पर अमित शाह का बड़ा बयान
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में जारी हंगामे और गतिरोध के बीच सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा है कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और वह संसद में उठाए जाने वाले सवालों का जवाब देने को तैयार हैं।
अमित शाह ने विपक्ष से कहा कि अगर वह चर्चा चाहता है तो लिखित में लोकसभा अध्यक्ष को इसकी मांग दे। उन्होंने दावा किया कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह खुद सदन में चर्चा में शामिल होकर जवाब देंगे।
अमित शाह बोले- चर्चा करनी है तो पत्र लिखकर दें
अमित शाह ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन को चलने नहीं दे रहा।गृह मंत्री के मुताबिक, विपक्ष अगर चर्चा चाहता है तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखित पत्र सौंपे। उन्होंने कहा कि चर्चा शुरू होने के बाद वह खुद सदन में मौजूद रहेंगे और अगले दिन जवाब देंगे। अमित शाह ने विपक्ष से यह भी पूछा कि वह चर्चा करना चाहता है या सिर्फ हंगामा करना।
‘सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं’
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और NDA सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष पर लगातार मुद्दा बदलने और सदन की कार्यवाही रोकने का आरोप लगाया। गृह मंत्री ने कहा कि यदि विपक्ष चर्चा से बच रहा है तो इस पर भी सदन में चर्चा की जा सकती है कि आखिर संसद को चलने क्यों नहीं दिया जा रहा।
राहुल गांधी ने अमित शाह के बयान पर दिया जवाब
अमित शाह के बयान के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अमित शाह के भाषणों में दिलचस्पी नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष यह जानना चाहता है कि प्रदर्शन कर रहे बच्चों पर गोली किसने चलवाई। राहुल गांधी के इस बयान के बाद संसद में जारी गतिरोध को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
read more : टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने दिया इस्तीफा, सामने आई बड़ी वजह
जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज के बाद बढ़ा विवाद
दरअसल, दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई लाठीचार्ज की घटना के बाद विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है। विपक्ष की ओर से गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में जवाब और चर्चा की मांग की जा रही है। विपक्ष के हंगामे के कारण मानसून सत्र में सदन की कार्यवाही लगातार प्रभावित हुई है। सत्र के अंतिम दिन से पहले सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी है।
राम मंदिर के मुद्दे पर भी विपक्ष की मांग
सरकार की ओर से दावा किया गया है कि अमित शाह चर्चा के लिए तैयार हैं और विपक्ष ही चर्चा से पीछे हट रहा है। वहीं विपक्ष का कहना है कि वह केवल सरकार की ओर से तय किए गए मुद्दों पर चर्चा नहीं चाहता। विपक्ष ने दिल्ली में लाठीचार्ज और राम मंदिर से जुड़े मुद्दे को भी चर्चा में शामिल करने की मांग की है। दोनों पक्षों के बीच इन मुद्दों को लेकर मतभेद बने हुए हैं।
अब क्या होगा?
मानसून सत्र के आखिरी दिन से पहले संसद में गतिरोध खत्म होगा या नहीं, इस पर सबकी नजर है। एक तरफ सरकार चर्चा के लिए तैयार होने का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष संबंधित मुद्दों पर जवाब और बहस की मांग पर कायम है। अमित शाह के ‘चर्चा या हंगामा’ वाले बयान और राहुल गांधी के पलटवार के बाद अब संसद में सियासी टकराव और बढ़ने के आसार हैं।
