1 अगस्त से बदल गए ये 8 बड़े नियम: बैंकिंग सेवाओं, Tatkal टिकट से GST तक आपकी जेब पर सीधा असर
रायपुर: हर महीने की पहली तारीख की तरह इस बार भी 1 अगस्त से कई महत्वपूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक बदलाव लागू हो गए हैं। इन नए नियमों का असर आम लोगों, कारोबारियों, रेलवे यात्रियों और बैंक ग्राहकों पर सीधे तौर पर पड़ेगा। कमर्शियल LPG सिलेंडर सस्ता हुआ है, रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग की प्रक्रिया में बदलाव किया है, जबकि बैंकिंग, GST और CKYC से जुड़े नए प्रावधान भी लागू हो गए हैं।
1. कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ सस्ता
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 200 रुपये से अधिक की कटौती की है। दिल्ली में इसकी कीमत लगभग 202 रुपये कम हुई है। हालांकि 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
2. Tatkal टिकट बुकिंग के नियम बदले
भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग व्यवस्था में बदलाव लागू किया है। अब आरक्षण काउंटरों पर टोकन उसी समय जारी किए जाएंगे, जब तत्काल बुकिंग शुरू होगी। रेलवे का उद्देश्य लंबी कतारों को कम करना और टिकट वितरण को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
3. बैंकिंग सेवाओं के शुल्क में बदलाव
1 अगस्त से कुछ बैंकों ने अपनी विभिन्न सेवाओं के शुल्क में संशोधन किया है। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने SMS अलर्ट चार्ज में बदलाव किया है। अन्य बैंक भी अपनी सेवा शुल्क और नियमों को अपडेट कर सकते हैं।
4. कई वस्तुएं हो सकती हैं महंगी
बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि बढ़ती इनपुट लागत और वैश्विक परिस्थितियों के कारण टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, कपड़े, साबुन और ऑटोमोबाइल समेत कई उत्पादों की कीमतों में 4 से 6 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
5. अब भरना होगा Belated ITR
इनकम टैक्स रिटर्न की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद अब विलंबित (Belated) ITR दाखिल करना होगा। ऐसे मामलों में नियमानुसार जुर्माना भी देना पड़ सकता है।
READ MORE :अगस्त की पहली तारीख पर बड़ी राहत, गैस सिलेंडर हुआ 209 रुपये तक सस्ता
6. क्रेडिट कार्ड नियमों में संशोधन
कई बैंकों ने 1 अगस्त से अपनी क्रेडिट कार्ड पॉलिसी में बदलाव लागू किए हैं। इनमें रिवॉर्ड पॉइंट्स, वार्षिक शुल्क और अन्य सर्विस चार्ज से जुड़े संशोधन शामिल हो सकते हैं। ग्राहकों को अपने बैंक की नई शर्तें जरूर जांचनी चाहिए।
7. CKYC 2.0 की शुरुआत
बैंकिंग, बीमा और म्यूचुअल फंड सेक्टर में CKYC 2.0 का चरणबद्ध रोलआउट शुरू हो गया है। इसके जरिए ग्राहकों की KYC प्रक्रिया पहले से अधिक डिजिटल और आसान होगी तथा बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम होगी।
8. GST नियमों में भी बदलाव
GST प्रणाली में भी नए बदलाव लागू हुए हैं। अब Bill To–Ship To लेन-देन में Ship-To GSTIN देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही GSTIN, स्टेट कोड और अन्य विवरणों का सिस्टम के जरिए बेहतर सत्यापन किया जाएगा, जिससे टैक्स प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
