बार-बार टोके जाने पर नाराज हुए राहुल गांधी, बोले- “अगर आप चाहते हैं कि सिर्फ बीजेपी बोले, तो बैठ जाता हूं”

राहुल गांधी

नई दिल्ली: लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान बुधवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए युवाओं और छात्रों के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य सड़कों पर उतरा है और छात्रों की भावनाओं को देश ने समझा है। राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं का गुस्सा जायज है और छात्रों को सम्मान मिलना चाहिए। एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों ने कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा किया। इसके बाद राहुल गांधी ने सदन में अपनी बात रखते हुए परीक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा।

“देश का भविष्य सड़कों पर उतरा”- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि देश का भविष्य सड़कों पर उतरा है। बीजेपी में भी जो लोग हैं, उन्हें अपने बच्चों से पूछना चाहिए कि क्या गलत हुआ। उन्होंने कहा कि आंदोलन में गुस्सा था, लेकिन नफरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का सम्मान होना चाहिए। छात्रों को अपनी मांगों के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है, जबकि वे देश का भविष्य हैं। युवाओं की भावनाओं को देश ने समझा है और उनका गुस्सा जायज है। राहुल गांधी ने कहा कि युवा समझ रहे हैं कि दुनिया कैसे बदल रही है। युवा सच्चाई के पीछे दौड़ता है और उसके लिए सच्चाई सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि खुले विचारों और सीखने की इच्छा रखने वाला ही छात्र होता है।

“युवाओं को इडियट कहते हैं…” बयान पर सदन में हंगामा

राहुल गांधी ने कहा कि मैंने सोचा, इडियट भी है और स्टूडेंट भी है। उससे पूछा कि ये तीसरी कैटेगरी कहां जाती है- अंध भक्त। उन्होंने कहा कि ये तीन कैटेगरी हैं। राहुल गांधी के इस बयान पर सदन में हंगामा शुरू हो गया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि राहुल गांधी ने असंसदीय शब्द का इस्तेमाल किया है और इसे रिकॉर्ड से हटाया जाना चाहिए। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि इडियट शब्द की जगह वह दूसरा शब्द दे देते हैं। वहीं स्पीकर ने कहा कि जो शब्द असंसदीय होगा, उसे कार्यवाही से हटा दिया जाएगा।

“छात्र शिक्षा व्यवस्था की बात कर रहे हैं”

राहुल गांधी ने कहा कि छात्र शिक्षा व्यवस्था की बात कर रहे हैं। एक छात्र 8 से 10 घंटे पढ़ाई करता है। शिक्षा महंगी है और युवा कई वर्षों तक मेहनत करते हैं। उन्होंने कहा कि एक परीक्षा पर शिक्षा के बजट से ज्यादा खर्च होता है। युवा सजग हैं और सच्चाई को समझते हैं।

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“अगर सिर्फ बीजेपी बोले तो मैं बैठ जाता हूं”- राहुल गांधी

सदन में बढ़ते हंगामे के बीच राहुल गांधी ने कहा कि अगर आप चाहते हैं कि सिर्फ बीजेपी बोले तो मैं चुप होकर बैठ जाता हूं, कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा कि जब भी वह बोलते हैं, किरेन रिजिजू खड़े हो जाते हैं। इस पर स्पीकर ने कहा कि सदन की मर्यादा और परंपरा को बनाए रखना जरूरी है। स्पीकर ने कहा कि सदन में वही बात प्रभावी होती है जो तर्क और मर्यादा के साथ रखी जाती है। शब्दों का चयन संसदीय मर्यादा के अनुरूप होना चाहिए।

राजनाथ सिंह ने शब्द हटाने की मांग की

केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जिस शब्द का इस्तेमाल नेता प्रतिपक्ष ने किया है, वह असंसदीय है और उसे कार्यवाही से निकाल दिया जाना चाहिए। वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अच्छी डिबेट चल रही है, लेकिन इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इमोशनल चेहरा दिखाकर गुमराह नहीं किया जा सकता। लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी रही।

शिक्षा व्यवस्था पर RSS ने किया कब्ज़ा : राहुल गांधी

राहुल गांधी ने पेपर तैयार करने से पहुंचाने और चेकिंग तक की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कहा कि ये एग्जाम सिस्टम नहीं, एक्सटॉर्शन सिस्टम है. ईमानदार छात्र इस दौड़ में पीछे हो रहा है. 30 से 40 लाख में पेपर लीक हो रहा है. राजनाथ सिंह ने कहा था कि ये यूपीए सरकार नहीं है, यहां मंत्रियों के इस्तीफे नहीं होते. धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया. उन्होंने कहा कि निजी कंपनियां शिक्षा व्यवस्था में शामिल हैं. निजी कंपनियां परीक्षा करा रही हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है. धर्मेंद्र प्रधान नहीं, आरएसएस शिक्षा मंत्रालय चला रहा था.

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