हिमाचल में मानसून का कहर: 45 से ज्यादा सड़कें बंद, मनाली-लेह हाईवे ब्लॉक; जम्मू-कश्मीर में दो बार बादल फटा
हिमाचल में भारी बारिश से सड़कें बंद, लाहौल-स्पीति में नाले में आई बाढ़; जम्मू-कश्मीर के डोडा में दो बार बादल फटने से मची तबाही
शिमला/जम्मू। देर से पहुंचे मानसून ने अब पहाड़ी राज्यों में कहर बरपाना शुरू कर दिया है। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। चंबा, शिमला और लाहौल-स्पीति समेत कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। राज्य में 45 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि मनाली-लेह हाईवे भी मलबा आने के कारण अवरुद्ध हो गया है। वहीं जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में बुधवार सुबह दो बार बादल फटने से बाढ़ जैसे हालात बन गए।
हिमाचल में 45 से ज्यादा सड़कें बंद
लगातार बारिश के चलते हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। चंबा, शिमला और लाहौल-स्पीति सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। सड़कें बंद होने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मनाली-लेह हाईवे फिर हुआ बंद
लाहौल घाटी के जिस्पा क्षेत्र में देर रात एक नाले में अचानक बाढ़ आने से भारी मात्रा में मलबा मनाली-लेह हाईवे पर आ गया। इसके बाद हाईवे को एहतियातन बंद कर दिया गया। सड़क बंद होने से दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए, जिनमें बड़ी संख्या में पर्यटक भी शामिल हैं। प्रशासन ने केलांग से आगे वाहनों की आवाजाही रोक दी है।
शिमला में भूस्खलन से यातायात प्रभावित
राजधानी शिमला में पुराने बैरियर के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे दोनों ओर का यातायात कुछ समय के लिए बाधित हो गया। प्रशासन ने मलबा हटाकर मार्ग को दोबारा चालू करा दिया है।
जम्मू-कश्मीर के डोडा में दो बार बादल फटा
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भलेसा क्षेत्र के कलालगीसर इलाके में बुधवार सुबह दो बार बादल फटने से बाढ़ आ गई। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और कीचड़ सड़क पर आ गया, जिससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। हालांकि, फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
इसके अलावा खलजुगासर इलाके में भी बादल फटने से फसलों, बागों और कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है तथा लोगों से अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की गई है।
अरुणाचल प्रदेश में भी बाढ़-भूस्खलन का असर
पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में भी लगातार बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है।
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