राजीव गांधी शिक्षा मिशन फर्नीचर घोटाला: ACB की दोबारा एंट्री, दस्तावेजों की जांच शुरू
राजीव गांधी शिक्षा मिशन के तहत वर्ष 2011-12 में हुई फर्नीचर खरीदी से जुड़े बहुचर्चित मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जांच को एक बार फिर गति दे दी है। इसी क्रम में जांच टीम ने मिशन कार्यालय पहुंचकर विभिन्न दस्तावेजों और रिकॉर्ड का निरीक्षण किया। जांच एजेंसी मामले से जुड़े सभी तथ्यों को दोबारा खंगाल रही है ताकि लंबित बिंदुओं पर स्पष्टता लाई जा सके।
फाइलों और डिजिटल डेटा की हो रही पड़ताल
जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान ACB अधिकारियों ने कार्यालय में उपलब्ध फाइलों, खरीद संबंधी दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का परीक्षण शुरू किया है। बताया जा रहा है कि जांच के लिए जरूरी कुछ जानकारियां समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही थीं, जिसके बाद टीम ने सीधे कार्यालय पहुंचकर रिकॉर्ड जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।

खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं की जांच
यह मामला फर्नीचर खरीदी में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। पूर्व में हुई जांच में कई निजी फर्मों की भूमिका सामने आने के बाद प्रकरण दर्ज किया गया था। आरोप है कि खरीद प्रक्रिया के दौरान नियमों की अनदेखी कर सरकारी राशि के उपयोग में गड़बड़ियां की गईं।
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जांच के दायरे में आ सकते हैं नए नाम
ACB अब उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में लगी है। सूत्रों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कुछ नए तथ्य सामने आ सकते हैं, जिससे जिम्मेदार लोगों की भूमिका और स्पष्ट हो सकेगी।
आगे की कार्रवाई की तैयारी
जांच एजेंसी द्वारा जुटाए जा रहे दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है। रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल ACB का फोकस मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों को एकत्रित कर जांच को निर्णायक दिशा देने पर है।
