छत्तीसगढ़ का धान मॉडल बना आकर्षण का केंद्र, महाराष्ट्र के विधायक 18-19 जून को करेंगे अध्ययन

Chhattisgarh paddy procurement study

 9 विधायकों, 3 विधान परिषद सदस्यों और 2 वरिष्ठ अधिकारियों का दल रायपुर पहुंचकर खरीदी केंद्रों, भंडारण और भुगतान प्रक्रिया का करेगा निरीक्षण

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) आधारित धान खरीदी व्यवस्था अब दूसरे राज्यों के लिए भी अध्ययन का विषय बन गई है। महाराष्ट्र सरकार के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल 18 और 19 जून को छत्तीसगढ़ दौरे पर आएगा। प्रतिनिधिमंडल राज्य की धान खरीदी प्रणाली का अध्ययन कर इसकी कार्यप्रणाली को समझेगा ।

 

कौन-कौन होगा शामिल?

प्रतिनिधिमंडल में महाराष्ट्र के 9 विधायक, 3 विधान परिषद सदस्य और 2 वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे । यह दल रायपुर पहुंचकर धान उपार्जन केंद्रों, भंडारण व्यवस्था, भुगतान प्रक्रिया तथा MSP आधारित खरीदी प्रणाली का विस्तृत अध्ययन करेगा ।

 

प्रतिनिधिमंडल में विधायक विनोद अग्रवाल, संजय पुराम, राजू कारेमोरे, विजय रहांगडाले और नरेंद्र भोंडेकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल रहेंगे ।

 

क्यों अध्ययन करना चाहता है महाराष्ट्र?

छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था देशभर में अपनी पारदर्शिता, समयबद्ध भुगतान और प्रभावी प्रबंधन के लिए पहचान बना चुकी है । विशेषज्ञ अध्ययनों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में वर्ष 2000-01 से 2021-22 के बीच MSP खरीदी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। राज्य सरकार ने अतिरिक्त खरीदी केंद्र स्थापित करके और अपनी खरीदी नीतियों को मजबूत करके प्रभावी कदम उठाए, जिसके परिणामस्वरूप राज्य वर्ष 2021 तक MSP खरीदी में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया ।

 

इसी मॉडल को समझने और अपने राज्य में लागू करने की संभावनाओं का आकलन करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार का यह अध्ययन दौरा आयोजित किया जा रहा है । गौरतलब है कि महाराष्ट्र जैसे बड़े धान उत्पादक राज्यों में खरीदी प्रणाली की चुनौतियाँ बनी हुई हैं, जहां अपर्याप्त खरीदी केंद्र, भुगतान में देरी और किसानों में MSP के प्रति जागरूकता की कमी जैसी समस्याएं हैं ।

 

छत्तीसगढ़ में MSP खरीदी की बढ़ती सफलता

छत्तीसगढ़ में पिछले दो दशकों में MSP खरीदी में बड़ा बदलाव आया है। 2000-01 में यहां की खरीदी-से-उत्पादन अनुपात न्यूनतम था, लेकिन 2021-22 तक यह आंकड़ा काफी बढ़ गया है और राज्य अब हरियाणा, पंजाब जैसे पारंपरिक खरीदी केंद्रों को छोड़कर कई राज्यों में से एक बन गया है, जहां महत्वपूर्ण मात्रा में खरीदी होती है ।

 

महाराष्ट्र सरकार का यह दौरा दिखाता है कि छत्तीसगढ़ का धान खरीदी मॉडल अब देशभर के लिए एक मिसाल बनता जा रहा है। यहां की सफलता का राजा राज्य सरकार की नीतिगत पहल, किसानों तक आसान पहुंच और समय पर भुगतान व्यवस्था में छिपा है। 18 और 19 जून के इस दौरे से महाराष्ट्र को अपनी धान खरीदी प्रणाली में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण सीख मिलने की उम्मीद है।

 

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