कोलकाता में 4000 EVM जलकर खाक, आग की लपटें ‘चौथा-पांचवां’ फर्श छोड़ सातवीं मंजिल तक पहुंचीं, TMC बोली- सबूत मिटाने की साजिश?

Kolkata EVM fire

अलीपुर की नौ मंजिला इमारत में लगी आग में दस विधानसभा सीटों की EVM मशीनें नष्ट, मंत्री कौशिक चौधरी ने उठाए सवाल, SIT गठित

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के अलीपुर इलाके में एक सरकारी भवन में लगी भीषण आग में लगभग 4,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) जलकर खाक हो गईं। ये मशीनें इसी वर्ष हुए विधानसभा उपचुनावों की 10 सीटों पर इस्तेमाल की गई थीं। आग इतनी विकराल थी कि उसे पूरी तरह बुझाने में करीब 24 घंटे लग गए ।

 

आग की शुरुआत दूसरी और तीसरी मंजिल से हुई, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि यह चौथी, पांचवीं और छठी मंजिल को छोड़ते हुए सीधे सातवीं, आठवीं, नौवीं और दसवीं मंजिल तक पहुंच गई ।

 

घटना के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है, जबकि पश्चिम बंगाल पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है ।

 

EVM रखे भवन में आग कैसे लगी? मंत्री ने जताई साजिश की आशंका

यह आग उस सरकारी भवन में लगी, जहां दक्षिण 24 परगना जिला परिषद समेत कई सरकारी कार्यालय संचालित होते हैं। राज्य के दमकल एवं आपदा प्रबंधन मंत्री कौशिक चौधरी ने मौके का निरीक्षण करने के बाद कहा कि प्रथम दृष्टया यह सामान्य आग नहीं लगती ।

 

उन्होंने सवाल उठाया कि चौथी, पांचवीं और छठी मंजिल को अपेक्षाकृत कम नुकसान होने के बावजूद आग ऊपरी मंजिलों तक कैसे पहुंच गई? उन्होंने स्पष्ट किया कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी, लेकिन साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता ।

 

TMC ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

TMC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आग का वीडियो साझा करते हुए चुनाव आयोग से कई सवाल पूछे। पार्टी ने दावा किया कि आग में 4,000 कंट्रोल यूनिट, 4,000 बैलेट यूनिट और 4,000 VVPAT मशीनें नष्ट हुई हैं ।

 

TMC ने कहा कि EVM और CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने के लिए पहले अदालत का दरवाजा खटखटाया गया था, ऐसे में इतनी बड़ी घटना कैसे हुई? पार्टी ने आशंका जताई कि यह केवल हादसा नहीं, बल्कि “लोकतंत्र के साथ छेड़छाड़ के बाद सबूत मिटाने की कोशिश” हो सकती है ।

 

पार्टी का दावा है कि आग में नष्ट हुई EVM मशीनें कस्बा, जादवपुर, बेहाला पूर्व, बेहाला पश्चिम, मेटियाब्रुज, सतगछिया और डायमंड हार्बर क्षेत्र की कई विधानसभा सीटों से संबंधित थीं ।

 

विपक्ष ने भी उठाए सवाल

कांग्रेस ने मांग की कि राज्य सरकार और चुनाव आयोग स्पष्ट करें कि आग लगने की वजह क्या थी और यह इमारत की ऊपरी मंजिलों तक इतनी तेजी से कैसे पहुंची । वहीं AAP ने भी घटना पर चिंता जताते हुए भाजपा से जवाब मांगा कि सरकारी भवन में इतनी बड़ी आग आखिर कैसे लगी ।

 

SIT गठित, FIR दर्ज, फॉरेंसिक जांच शुरू

दक्षिण 24 परगना प्रशासन की शिकायत के आधार पर अलीपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञ आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं ।

 

कोलकाता पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है। SIT का नेतृत्व एसीपी सुखेंदु मुखोपाध्याय करेंगे। टीम में डिटेक्टिव डिपार्टमेंट से इंस्पेक्टर हीरक दलपति, इंस्पेक्टर अर्पण दास और अलीपुर थाने के सब-इंस्पेक्टर सुमन घोष शामिल हैं ।

 

जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि यह दुर्घटना थी या फिर किसी ने जानबूझकर आग लगाकर नुकसान पहुंचाया। अधिकारी इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट सहित सभी संभावित कारणों की पड़ताल कर रहे हैं। फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से नमूने एकत्र कर रही है ।

 

चुनौती: 45 दिन की समय सीमा अभी पूरी नहीं हुई

चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद EVM को 45 दिनों की अवधि के लिए सुरक्षित रखना अनिवार्य होता है, ताकि यदि कोई चुनाव याचिका दायर हो तो जांच संभव हो सके ।

 

इस साल के विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित किए गए थे, और 45 दिन की यह अवधि अभी समाप्त नहीं हुई है। ऐसे में EVM के नष्ट होने से यदि कोई चुनाव याचिका दायर होती है तो स्थिति जटिल हो सकती है ।

 

SIT की रिपोर्ट आने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल, पूरा मामला केंद्रीय एजेंसियों और चुनाव आयोग की निगरानी में है ।

 

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