धर्मांतरण पर गरमाई छत्तीसगढ़ की सियासत: भूपेश बघेल बोले- BJP शासन में हुआ सबसे ज्यादा मतांतरण, भाजपा ने दिया पलटवार

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर धर्मांतरण का मुद्दा राजनीतिक गर्मी बढ़ा रहा है। नागपुर में आरएसएस के एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम के बयान से शुरू हुआ विवाद अब कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी बयानबाजी का रूप ले चुका है। नेताम ने कहा था कि बस्तर में धर्मांतरण पर आदिवासी समाज और संघ को मिलकर काम करना होगा, जिसके बाद कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं।

भूपेश बघेल का तीखा हमला: खुद नेताम कितनी बार विचारधारा बदल चुके हैं?

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अरविंद नेताम पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नेताम खुद कितनी बार विचारधारा बदल चुके हैं, पहले वे कांग्रेस में थे, फिर बीएसपी, फिर भाजपा और अब आरएसएस से जुड़ गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि नेताम को अब जाकर धर्मांतरण की चिंता क्यों हो रही है जबकि वे इतने वर्षों से बस्तर में सक्रिय रहे हैं।

भूपेश बघेल ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में सबसे ज्यादा धर्मांतरण भाजपा के शासनकाल में हुआ है। उन्होंने कहा, “जब रमन सिंह मुख्यमंत्री थे और अब जब भाजपा की सरकार है, दोनों ही समय बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के मामले सामने आए। कवर्धा में सबसे ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं, जो कि गृहमंत्री का क्षेत्र है, वहां उन्होंने क्या कार्रवाई की?”

“बीजेपी के लिए धर्मांतरण एक राजनीतिक सुविधा” – बघेल

भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर आदिवासियों को ‘ईसाई आदिवासी’ और ‘हिंदू आदिवासी’ में बांटकर राजनीतिक फायदा उठाती है। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण का मुद्दा भाजपा का ‘डबल गेम’ है, जिसमें वे एक तरफ विरोध करते हैं और दूसरी तरफ राजनीतिक लाभ के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं।

बघेल ने सवाल उठाया कि अगर भाजपा सच में धर्मांतरण के खिलाफ है तो पिछले डेढ़ साल में मृत ईसाई आदिवासियों के अंतिम संस्कार को लेकर कोई विवाद क्यों नहीं उठा? “क्यों नहीं अब उनके अंतिम संस्कार में अड़चन डाली जा रही?” उन्होंने कहा, “भाजपा और आरएसएस के नेता अब मौत पर राजनीति नहीं कर रहे, क्योंकि अब सत्ता उनके पास है।”

बीजेपी का पलटवार: कांग्रेस कार्यकाल में आदिवासियों का सिर फोड़ा जाता था

पूर्व मुख्यमंत्री के इन आरोपों का जवाब भाजपा ने भी तीखे शब्दों में दिया। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी ने भूपेश बघेल पर पलटवार करते हुए कहा कि, “जब कांग्रेस की सरकार थी और भूपेश मुख्यमंत्री थे, तब धर्मांतरण का विरोध करने वाले आदिवासियों को पुलिस के जरिए पीटा जाता था। उनका सिर फोड़ा जाता था।”

चिमनानी ने आरोप लगाया कि 23 दिसंबर 2022 को भूपेश बघेल ने दिल्ली में ईसाई मिशनरियों के लोगों से मुलाकात कर उनके साथ फोटो खिंचवाई थी, लेकिन उन्होंने यह नहीं कहा कि वे आदिवासियों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में धर्मांतरण को संरक्षण मिला और अब जब भाजपा कार्रवाई कर रही है, तो कांग्रेस उसमें रुकावट डाल रही है।

कांग्रेस विधायक पुलिस को देते हैं धमकी – चिमनानी

अमित चिमनानी ने दावा किया कि कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव एक महिला पुलिस अधिकारी को धमका रहे थे कि अगर उन्होंने कार्रवाई की तो “कानून व्यवस्था बिगाड़ देंगे”। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता हमेशा से ही धर्मांतरण को समर्थन देने की रही है, और आज जब भाजपा सरकार जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सख्त रुख अपनाती है, तो कांग्रेस उसमें भी अड़ंगा डालती है।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि बलात्कार के आरोपी बजिंदर सिंह का एक बड़ा कार्यक्रम होने वाला था, जिसे भाजपा सरकार ने रद्द करवा दिया।

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