45 साल पुरानी Jaipur Noorani Mosque पर चला बुलडोजर, 3000 पुलिसकर्मी तैनात, 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद

Jaipur Noorani Mosque Demolition

Jaipur Noorani Mosque: सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत मस्जिद, मजार, दो मंदिर और सत्संग भवन हटाए गए, प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए

45 साल पुरानी Jaipur Noorani Mosque को लेकर बड़ा प्रशासनिक एक्शन हुआ। 3000 पुलिसकर्मियों की तैनाती, 24 घंटे इंटरनेट बंदी और भारी सुरक्षा के बीच बुलडोजर कार्रवाई की गई। आखिर क्यों गिराई गई मस्जिद और क्या है पूरा मामला? जानिए इस रिपोर्ट में।

45 साल पुरानी Jaipur Noorani Mosque पर चला बुलडोजर, 3000 पुलिसकर्मी तैनात, इंटरनेट सेवा बंद

राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित 45 साल पुरानी Noorani Mosque को प्रशासन ने सोमवार को बुलडोजर कार्रवाई के तहत ध्वस्त कर दिया। मालवीय नगर क्षेत्र में स्थित इस मस्जिद को जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा अवैध निर्माण बताते हुए हटाया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने करीब 3000 पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों को तैनात किया, जबकि पूरे इलाके में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गईं।

Jaipur Noorani Mosque: सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत हुई कार्रवाई

जेडीए के अनुसार, जिस स्थान पर नूरानी मस्जिद बनी हुई थी, वहां सड़क चौड़ीकरण परियोजना का कार्य प्रस्तावित है। प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है और सड़क को चौड़ा करना जरूरी हो गया था। इसी परियोजना के तहत नूरानी मस्जिद के अलावा एक मजार, दो छोटे मंदिर और एक सत्संग भवन को भी हटाया गया।

1981 में बनी थी नूरानी मस्जिद

मस्जिद कमेटी का दावा है कि नूरानी मस्जिद का निर्माण वर्ष 1981 में लगभग 391 वर्ग गज भूमि पर किया गया था। पिछले चार दशकों से अधिक समय से यहां नियमित रूप से पांच वक्त की नमाज अदा की जा रही थी, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल होते थे।

कमेटी का यह भी कहना है कि प्रशासन ने कार्रवाई से पहले पर्याप्त समय नहीं दिया। उनके अनुसार नोटिस मिलने और कार्रवाई के बीच बहुत कम समय था, जिससे कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर तैयारी का अवसर नहीं मिल पाया।

इलाके में रहा हाई अलर्ट

Jaipur Noorani Mosque हटाने की कार्रवाई से पहले पूरे क्षेत्र में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया। प्रशासन को आशंका थी कि कार्रवाई के दौरान तनाव की स्थिति बन सकती है। इसी को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं ताकि अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को फैलने से रोका जा सके।

Jaipur Noorani Mosque Demolition

वैकल्पिक भूमि देने की पेशकश

जानकारी के अनुसार, जेडीए अधिकारियों ने मस्जिद कमेटी को खो नागोरियन क्षेत्र में लगभग 1100 वर्ग गज वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी दिया है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय और सहमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

पहले भी जारी किए गए थे नोटिस

जेडीए के मुताबिक सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए कुल 143 संपत्तियों को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से 134 मकानों पर पहले ही बुलडोजर कार्रवाई की जा चुकी थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि शेष संपत्तियों को भी परियोजना के तहत हटाया जाएगा, जिसके बाद अब धार्मिक स्थलों पर भी कार्रवाई की गई है।

प्रशासन का दावा और स्थानीय प्रतिक्रिया

प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और इसका उद्देश्य केवल सार्वजनिक हित में सड़क चौड़ीकरण परियोजना को पूरा करना है। वहीं दूसरी ओर मस्जिद कमेटी और स्थानीय लोगों ने नोटिस प्रक्रिया और समयसीमा को लेकर सवाल उठाए हैं।

फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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