भाजपा के 3 हजार सदस्य बनाने वाले कार्यकर्ताओं का अब तक सम्मान नहीं, मुख्यमंत्री साय के साथ भोजन करने का भी नहीं मिला मौका

रायपुर : भाजपा के सदस्यता अभियान में बीते साल प्रदेश संगठन ने पिछले वर्ष प्रदेश में 60 लाख नए सदस्य जोड़कर संगठनात्मक इतिहास रचा है। इस अभूतपूर्व सफलता के साथ, कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष योजना भी घोषित की गई थी। प्रदेश संगठन ने यह घोषणा की थी कि जो कार्यकर्ता तीन हजार नए सदस्य बनाएंगे, उन्हें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ विशेष भोजन का अवसर मिलेगा और उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।

सीएम के साथ भोजन करने का मौका भी नहीं मिला :

पार्टी सदस्यता अभियान समाप्त हुए पांच महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक कार्यकर्ताओं को उनका वादा किया गया सम्मान नहीं मिल सका है। मुख्यमंत्री के साथ भोजन का अवसर भी दूर की बात है। इस माह भी विभिन्न कार्यक्रमों के चलते कार्यकर्ताओं के सम्मान की संभावना कम नजर आ रही है। जहां प्रदेश के कई प्रमुख सांसद और विधायक अपने निर्धारित लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाए, वहीं कुछ कार्यकर्ताओं ने दस-दस हजार तक सदस्य बनाने का कार्य किया है।

भाजपा ने सदस्यता लक्ष्य बढ़ाकर 60 लाख कर दिया :

पार्टी के सदस्यता अभियान की शुरुआत सितंबर 2024 में हुई थी, जिसमें छत्तीसगढ़ को पहले 50 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लेकिन प्रदेश में अभियान की तेज़ी को देखते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपने रायपुर दौरे के दौरान इस लक्ष्य को बढ़ाकर 60 लाख कर दिया। प्रदेश संगठन ने इस बढ़े हुए लक्ष्य को प्राप्त कर लिया।

कई सांसद-विधायक रहे पीछे :

सदस्यता अभियान के तहत सांसदों के लिए 20,000 और विधायकों के लिए 10,000 सदस्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सभी मंत्रियों और अधिकांश विधायकों ने इस लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा किया। हालांकि, कुछ विधायक अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सके। सांसदों में भी आधा दर्जन से अधिक सांसद अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके; इनमें से एक सांसद तो 500 सदस्य भी नहीं बना सके।

कार्यकर्ताओं ने किया कमाल:

जहां कई सांसद और विधायक निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने में असफल रहे, वहीं बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने तीन हजार से लेकर दस हजार तक सदस्य बनाने का अद्वितीय कार्य किया। इन कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री के साथ भोजन करने और सम्मानित करने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक उन्हें यह अवसर नहीं मिल सका है। भाजपा नेताओं का कहना है कि सदस्यता अभियान के बाद प्रदेश संगठन के चुनावों और फिर नगरीय निकाय एवं पंचायत चुनावों के कारण सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता व्यस्त रहे। इसके बाद सभापति, उपाध्यक्ष और जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव हुए, जिनमें सभी व्यस्त हो गए।

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