मालवीय नगर अग्निकांड: भीषण होटल-रेस्टोरेंट आग में 20 की मौत, राहत और जांच जारी
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में बुधवार सुबह एक होटल और रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी इमारत कुछ ही मिनटों में धुएं और लपटों से घिर गई। इस दर्दनाक घटना में अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल हैं। सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। अभियान के दौरान करीब 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
शुरुआती जांच में ग्राउंड फ्लोर से आग लगने की आशंका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद इमारत में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों और खिड़कियों से कूदने को मजबूर हो गए। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि आग की शुरुआत ग्राउंड फ्लोर पर स्थित रेस्टोरेंट से हुई, हालांकि असली कारणों की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। घटना की जांच जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और दिल्ली प्रशासन की टीमें कर रही हैं। इमरजेंसी सेवाओं को तुरंत सक्रिय कर पूरे इलाके को घेर लिया गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आई भारी मुश्किलें
एसडीएम और DDMA अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि बचाव कार्य में दमकल कर्मियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई लोगों को बेसमेंट और ऊपरी हिस्सों से सुरक्षित निकाला गया। प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि इमारत में फायर सेफ्टी मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
प्रधानमंत्री ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से बताया गया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार ने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन भी दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद राजधानी दिल्ली में व्यावसायिक इमारतों की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई होटलों और रेस्टोरेंट्स में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है, जबकि पूरे क्षेत्र में अभी भी तनाव और शोक का माहौल बना हुआ है।
