Operation Antim Prahar 2026: गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा पर माओवादियों का हथियार फैक्ट्री ध्वस्त, भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद
गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा पर माओवादियों के हथियार निर्माण केंद्र का भंडाफोड़ हुआ। सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार, आईईडी और विस्फोटक सामग्री बरामद की।
Operation Antim Prahar 2026 के तहत महाराष्ट्र के गढ़चिरौली और छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले की पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त अंतरराज्यीय अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा के घने जंगलों में संचालित माओवादियों के हथियार निर्माण केंद्र का भंडाफोड़ किया।
अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और शस्त्र निर्माण सामग्री बरामद की गई। सुरक्षा बलों ने कई खतरनाक सामग्रियों को मौके पर ही नष्ट भी कर दिया ताकि उनका भविष्य में इस्तेमाल न किया जा सके।
आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली थी गोपनीय सूचना
Operation Antim Prahar 2026 के तहत यह कार्रवाई आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। पूछताछ में खुलासा हुआ था कि छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के काकूर थाना क्षेत्र से करीब सात किलोमीटर दूर महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा के जंगलों में हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी गई है।
सूचना मिलने के बाद 26 मई 2026 को गढ़चिरौली पुलिस अधीक्षक M. Ramesh के मार्गदर्शन में संयुक्त अभियान शुरू किया गया।

संयुक्त अभियान में कई सुरक्षा टीमें शामिल
अभियान में प्राणहिता के विशेष अभियान दल की चार टुकड़ियां, नारायणपुर डीआरजी की एक टीम तथा बीडीडीएस प्राणहिता की दो टीमें शामिल थीं। 27 मई 2026 को काकूर थाना क्षेत्र के जंगलों में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
बीडीडीएस टीम द्वारा इलाके की गहन जांच के दौरान सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक माओवादी संगठन जंगलों में गुप्त रूप से हथियार और विस्फोटक तैयार कर जमीन में छिपाकर रखते थे।
इंसास रायफल और जिंदा कारतूस समेत हथियार बरामद
Operation Antim Prahar 2026 के दौरान सुरक्षा बलों ने माओवादियों के बड़े हथियार भंडार का पता लगाया। अभियान में 01 इंसास रायफल, 02 सिंगल शॉट रायफल, 02 बारह बोर रायफल और 18 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार इन हथियारों का इस्तेमाल सुरक्षा बलों पर हमले और घातपात की घटनाओं में किया जाना था। बरामद सामग्री को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

आईईडी, क्लेमोर माइन और बीजीएल लॉन्चर भी मिले
बरामद सामग्री में 25 किलो आईईडी विस्फोटक, 02 क्लेमोर माइन, 110 डेटोनेटर, कॉर्टेक्स वायर, 500 से अधिक बीजीएल सेल और उन्हें बनाने की सामग्री शामिल है।
इसके अलावा 07 बीजीएल लॉन्चर, 03 ट्यूब लॉन्चर, लोहे की रॉड, दो लेथ मशीन, दो मोटर, ग्राइंडर मशीन, इन्वर्टर, बैटरी, वायर बंडल और सोलर प्लेट जैसी सामग्री भी जब्त की गई। पुलिस के अनुसार यह पूरा नेटवर्क हथियार निर्माण और विस्फोटक तैयार करने के लिए उपयोग किया जा रहा था।
मौके पर ही नष्ट की गई खतरनाक सामग्री
Operation Antim Prahar 2026 के तहत वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर घटनास्थल से बरामद कई विस्फोटक उपकरणों और हथियार निर्माण सामग्री को जवानों ने मौके पर ही नष्ट कर दिया।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि भविष्य में इन सामग्रियों का उपयोग किसी भी हिंसक गतिविधि में न किया जा सके।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चला अभियान
यह संयुक्त कार्रवाई गढ़चिरौली पुलिस अधीक्षक M. Ramesh, अपर पुलिस अधीक्षक कार्तिक मधिरा, गोकुल राज जी., हर्षवर्धन बी. जे., पुलिस उपाधीक्षक विशाल नागरगोजे तथा नारायणपुर के पुलिस उपाधीक्षक मनोज मंडावी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
गढ़चिरौली पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने अभियान में शामिल जवानों की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा बल माओवादी गतिविधियों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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