Iran Supreme Leader : गुप्त ठिकाने पर छिपे हैं मोजतबा खामेनेई? अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट से मचा हड़कंप
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई गुप्त ठिकाने पर छिपे हुए हैं। बाहरी दुनिया से संपर्क टूटने के कारण अमेरिका-ईरान समझौते में देरी हो रही है।
Iran Supreme Leader : अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर बड़ा दावा किया है। अधिकारियों के मुताबिक मोजतबा खामेनेई फिलहाल एक गुप्त स्थान पर छिपे हुए हैं, जहां उनका बाहरी दुनिया से सीधा संपर्क लगभग पूरी तरह टूट चुका है।
अमेरिकी एजेंसियों का कहना है कि यही वजह है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर बातचीत में लगातार देरी हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार खामेनेई तक संदेश केवल एक जटिल मैसेंजर और कूरियर नेटवर्क के जरिए पहुंचाए जा रहे हैं।
मैसेंजर नेटवर्क के जरिए पहुंच रहे संदेश
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ईरान के सर्वोच्च नेता तक सीधे पहुंच संभव नहीं है। उनसे संपर्क करने के लिए एक बेहद जटिल संदेशवाहक नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे हर फैसले और जवाब में काफी समय लग रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जब भी अमेरिका किसी संभावित समझौते या प्रस्ताव का विवरण ईरान भेजता है, तो अंतिम प्रतिक्रिया आने में काफी देरी हो जाती है। इसकी बड़ी वजह खामेनेई तक सीधे संवाद का अभाव बताया जा रहा है।
ईरानी अधिकारियों को भी हो रही परेशानी
ट्रंप प्रशासन के साथ बातचीत के लिए अधिकृत ईरानी अधिकारियों को भी अपने सरकारी तंत्र के भीतर संवाद करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरान के अंदर फैसलों की प्रक्रिया बेहद जटिल हो गई है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का कहना है कि ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों और सर्वोच्च नेतृत्व के बीच समन्वय कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। यही कारण है कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आ पा रही है।
दो महीनों से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए खामेनेई
मोजतबा खामेनेई पिछले करीब दो महीनों से किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखाई नहीं दिए हैं। न ही उनका कोई वीडियो संदेश सामने आया है। इसके बाद से ही उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सत्ता पर पकड़ को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
अमेरिकी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि खामेनेई को सुरक्षा कारणों से बेहद गोपनीय स्थान पर रखा गया है। हालांकि ईरान की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के बाद बढ़ीं चर्चाएं
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई कथित तौर पर “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के दौरान अमेरिकी और इजरायली हमलों में घायल हो गए थे। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
अमेरिका का कहना है कि हमलों के बाद से ही खामेनेई को सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया। इसी वजह से उनकी सुरक्षा और मौजूदा स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अमेरिका-ईरान संबंधों पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिकी दावे सही साबित होते हैं, तो इसका असर अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक बातचीत पर पड़ सकता है। पहले से तनावपूर्ण संबंधों के बीच संवाद में देरी दोनों देशों के बीच नई मुश्किलें पैदा कर सकती है।
अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों के मुताबिक मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति को देखते हुए ईरान के नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवाल वैश्विक राजनीति पर भी असर डाल सकते हैं।
ईरान की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान
अब तक ईरान सरकार या वहां की आधिकारिक एजेंसियों ने अमेरिकी दावों पर कोई स्पष्ट बयान जारी नहीं किया है। ऐसे में इन रिपोर्ट्स को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं।
आने वाले दिनों में यदि ईरान की ओर से कोई प्रतिक्रिया आती है, तो इससे पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है। फिलहाल अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट ने वैश्विक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।
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