अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, गेट पर चक्काजाम
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में स्थित हिरमी अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर नाराज किसान, मजदूर और स्थानीय युवा अब आंदोलन के रास्ते पर उतर आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट प्रबंधन लगातार स्थानीय लोगों की समस्याओं और मांगों की अनदेखी कर रहा है। मुआवजा, रोजगार और वादों को पूरा नहीं किए जाने को लेकर क्षेत्र में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
12 मई से जारी है विरोध प्रदर्शन
ग्रामीणों का आंदोलन 12 मई से लगातार जारी है। हालांकि शुरुआती दिनों में प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जा रहा था, लेकिन मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं होने के कारण शुक्रवार को आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया। सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, महिलाएं और युवा प्लांट के अलग-अलग गेटों के बाहर जुट गए और चक्काजाम कर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के चलते संयंत्र के संचालन पर भी असर देखने को मिला।
“सिर्फ आश्वासन मिला, समाधान नहीं”
आंदोलन कर रहे लोगों का कहना है कि उनकी समस्याओं को लेकर अब तक प्लांट प्रबंधन और प्रशासन के साथ तीन दौर की बैठक हो चुकी है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय युवाओं को रोजगार देने, किसानों को उचित मुआवजा देने और क्षेत्रीय विकास से जुड़े कई वादे किए गए थे, लेकिन अब तक उन पर अमल नहीं हुआ। इसी कारण लोगों में नाराजगी बढ़ती गई और आंदोलन तेज करना पड़ा।
जनप्रतिनिधि भी आंदोलन में शामिल
शुक्रवार को हुए प्रदर्शन में क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। सुबह करीब 6 बजे से ही अलग-अलग गेटों के सामने चक्काजाम शुरू कर दिया गया। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष प्रदर्शनकारियों ने प्लांट के बाहर बैठकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट फैसला नहीं लिया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। मौके पर सिमगा एसडीएम, सुहेला तहसीलदार, सीएसपी, थाना प्रभारी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस और प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटे रहे।
दोपहर में शुरू हुई बातचीत
लगातार बढ़ते विरोध प्रदर्शन के बीच दोपहर करीब 1 बजे आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल, प्लांट प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बातचीत शुरू हुई। अब सभी की नजर इस चर्चा के नतीजे पर टिकी हुई है। यदि मांगों पर सहमति नहीं बनती, तो आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
