Pachore Petrol Pump Fire: राजगढ़ में पेट्रोल पंप पर भीषण आग, 13 लोग झुलसे, टैंकर और 15 बाइक जलकर राख
Pachore Petrol Pump Fire मामले में राजगढ़ जिले के पचोर में पेट्रोल पंप पर भीषण आग लग गई। हादसे में 13 लोग झुलस गए, जबकि फ्यूल टैंकर और 15 बाइक जलकर राख हो गईं।
Pachore Petrol Pump Fire ने मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में हड़कंप मचा दिया है। पचोर शहर में स्थित एक पेट्रोल पंप पर सोमवार देर रात अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पेट्रोल पंप का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया।
हादसे में 13 लोग झुलस गए हैं, जबकि फ्यूल से भरा टैंकर और करीब 15 बाइकें जलकर राख हो गईं। घटना के बाद प्रशासन और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
फ्यूल खाली करते समय लगी आग
Pachore Petrol Pump Fire की घटना चुन्नालाल-मुन्नालाल पेट्रोल पंप की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक देर रात करीब 20 हजार लीटर ईंधन लेकर एक टैंकर पेट्रोल पंप पहुंचा था।
टैंकर से पेट्रोल और डीजल खाली करने का काम चल रहा था। इसी दौरान पेट्रोल पंप पर कई लोग अपने वाहनों में फ्यूल भरवा रहे थे। अचानक किसी वजह से आग भड़क उठी और कुछ ही सेकंड में आग ने विकराल रूप ले लिया।
देखते ही देखते आग का गोला बना पेट्रोल पंप
Pachore Petrol Pump Fire में आग इतनी तेजी से फैली कि मौके पर मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। आग की ऊंची लपटों ने पूरे पेट्रोल पंप परिसर को अपनी चपेट में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ ही मिनटों में टैंकर, बाइकें और आसपास का हिस्सा आग से घिर गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए वाहन छोड़कर भागते नजर आए।
15 बाइकें और टैंकर जलकर राख
Pachore Petrol Pump Fire हादसे में पेट्रोल पंप परिसर में खड़ी करीब 15 बाइकें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। इसके अलावा ईंधन से भरा टैंकर भी आग की चपेट में आ गया।
आग के कारण इलाके में दहशत का माहौल बन गया। आसपास के लोग भी घरों और दुकानों से बाहर निकल आए।
13 लोग झुलसे, कई की हालत गंभीर
Pachore Petrol Pump Fire में 13 लोग झुलस गए हैं। हादसे के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार गंभीर रूप से घायल बलराम गुर्जर को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल राजगढ़ रेफर किया गया है। कुछ अन्य घायलों को शाजापुर अस्पताल भेजा गया है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
दमकल विभाग ने 45 मिनट में पाया काबू
Pachore Petrol Pump Fire की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पचोर और आसपास के क्षेत्रों से अतिरिक्त फायर ब्रिगेड वाहन बुलाए गए।
करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते आग नहीं बुझाई जाती, तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था।
प्रशासन ने बंद किए आसपास के रास्ते
Pachore Petrol Pump Fire के बाद प्रशासन और पुलिस ने एहतियात के तौर पर आसपास के रास्तों को बंद कर दिया। लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी गई।
घटना स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।
जांच में जुटा प्रशासन
Pachore Petrol Pump Fire के बाद प्रशासन और पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं। शुरुआती आशंका है कि फ्यूल ट्रांसफर के दौरान किसी तकनीकी गड़बड़ी या चिंगारी की वजह से आग लगी हो सकती है।
हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
Pachore Petrol Pump Fire ने पेट्रोल पंपों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्यूल खाली करने के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल और डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थों के बीच छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
स्थानीय लोगों में दहशत
Pachore Petrol Pump Fire के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि आग की लपटें काफी दूर तक दिखाई दे रही थीं।
घटना के बाद आसपास के दुकानदारों और रहवासियों में डर बना हुआ है। कई लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा मानकों की सख्ती से जांच कराने की मांग की है।
क्या हो सकती है आगे की कार्रवाई
Pachore Petrol Pump Fire मामले में प्रशासन सुरक्षा मानकों और फ्यूल हैंडलिंग प्रक्रिया की जांच कर सकता है। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
साथ ही पेट्रोल पंपों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी नए निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
Pachore Petrol Pump Fire ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि ज्वलनशील पदार्थों के साथ थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है। इस घटना में 13 लोगों का झुलसना और टैंकर समेत कई वाहन जलना बेहद गंभीर मामला है। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर है कि आखिर आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।
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